
Birthday Special: श्रद्धा कपूर ने इन फिल्मों में बिखेरा हुनर का जलवा, बन गईं बॉलीवुड क्वीन
Shraddha Kapoor बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं, लेकिन करियर की शुरुआत में उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया था. महज 16 साल की उम्र में उन्हें सलमान खान की फिल्म का ऑफर मिला था, जिसे उन्होंने इसे ठुकरा दिया.
Shraddha Kapoor: बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा हीरोइनों में से एक श्रद्धा कपूर आज अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही है. उन्हें साल ‘आशिकी 2’ फिल्म से जबरदस्त कामयाब मिली और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. श्रद्धा कपूर ने बड़े पर्दे पर अपनी वर्सेटिलिटी से हर बार दर्शकों के दिलों को जीता है. उन्होंने न केवल रोमांटिक फिल्मों में अपनी सादगी से दिल जीता, बल्कि ‘एबीसीडी 2’ में डांस और ‘छिछोरे’ में संजीदा अदाकारी से खुद को एक मुकम्मल आर्टिस्ट साबित कर दिया. उनके जन्मदिन के मौके पर उन यादगार किरदारों पर नजर डालते हैं, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड की क्वीन बना दिया
कौन सी फिल्म हुई थी ऑफर?
साल 2005 में सलमान खान की फिल्म ‘लकी: नो टाइम फॉर लव’ रिलीज हुई थी, ये एक रोमांटिक फिल्म थी, जिसमें सलमान खान और स्नेहा उलाल लीड रोल में थे. इस फिल्म के लिए पहले ही कास्टिंग की चर्चा थी, लेकिन जब ये रोल श्रद्धा कपूर को ऑफर हुआ, तब वो सिर्फ 16 साल की थीं और उस वक्त वो अपनी पढ़ाई और अपने करियर को लेकर काफी सीरीयस थीं. बड़ी फिल्म के ऑफर को पाकर भी श्रद्धा ने सोचा कि यह उनके लिए सही समय नहीं है.
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आशिकी 2: आरोही के किरदार में श्रद्धा कपूर ने ऐसी परफॉरमेंस दी, जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी. सिंगर की भूमिका में उन्होंने प्यार और शोहरत के बीच के उतार-चढ़ाव को बेहद संजीदगी से पर्दे पर उतारा. उनकी मासूमियत और भावुक अभिनय ने देशभर के दर्शकों का दिल जीत लिया. इस फिल्म ने न केवल उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में एक पावरहाउस टैलेंट के रूप में भी मजबूती से स्थापित कर दिया.

तू झूठी मैं मक्कार: रोमांटिक कॉमेडी में एक नया और मॉडर्न नजरिया लाते हुए श्रद्धा ने तिन्नी के रोल में कमाल कर दिया. एक चालाक और आत्मनिर्भर लड़की के किरदार में उनकी कॉमिक टाइमिंग और हाजिरजवाबी देखने लायक थी. उनकी जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस और आत्मविश्वास ने इस जॉनर में एक नई जान फूँक दी. इस फिल्म के जरिए उन्होंने एक बार फिर अपनी वर्सेटिलिटी साबित की और दिखाया कि वे आज के दौर की कूल और इंडिपेंडेंट भूमिकाओं के लिए परफेक्ट हैं.

हैदर: शेक्सपियर के नाटक हैमलेट पर बनी फिल्म में श्रद्धा कपूर ने अर्शिया की भूमिका निभाकर अपनी एक्टिंग रेंज से सबको हैरान कर दिया. उनका यह किरदार काफी ठहराव भरा और संजीदा था. प्यार, कर्तव्य और सामाजिक दबावों के बीच फंसी एक महिला के आंतरिक संघर्ष को उन्होंने बहुत ही बारीकी से निभाया. इस फिल्म ने यह साफ कर दिया कि श्रद्धा सिर्फ ग्लैमरस रोल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गंभीर ड्रामा भी बखूबी कर सकती हैं.

एक विलेन: इस डार्क और थ्रिलर फिल्म में श्रद्धा ने आयशा का किरदार निभाया, जो अपनी सकारात्मकता और जिंदादिली से कहानी में जान फूंक देती है. फिल्म की इंटेंसिटी के बीच श्रद्धा की चमकती आंखों और उनकी चार्मिंग स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों को एक भावनात्मक सहारा दिया. आयशा के जरिए उन्होंने साबित कर दिया कि वे न केवल रोमांटिक फिल्मों में, बल्कि जटिल और डार्क कहानियों में भी अपनी अदाकारी से गहरा प्रभाव छोड़ने का हुनर रखती हैं
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स्त्री: इस अनोखी हॉरर-कॉमेडी में श्रद्धा ने एक रहस्यमयी महिला का किरदार पूरी शिद्दत से निभाया. उनकी सधी हुई एक्टिंग ने दर्शकों को फिल्म के अंत तक उलझाए रखा कि आखिर उनका सच क्या है. फिल्म के डरावने माहौल और अपनी मासूमियत के बीच उन्होंने जो संतुलन बनाया, वह काबिल-ए-तारीफ था. इस रोल ने साबित कर दिया कि श्रद्धा सिर्फ ग्लैमरस रोल ही नहीं, बल्कि सस्पेंस से भरे किरदारों में भी जान फूंकने का हुनर रखती हैं

स्त्री 2: ब्लॉकबस्टर सीक्वल में अपने आइकॉनिक किरदार को दोबारा जीते हुए श्रद्धा कपूर ने इसे और भी ज्यादा इंटेंस और रहस्यमयी बना दिया. इस बार उनके अभिनय में एक अलग तरह की चमक और गंभीरता नजर आई. फिल्म के मजेदार और डरावने सीन्स के बीच उन्होंने अपना आकर्षण बरकरार रखा और अपनी मौजूदगी से स्क्रीन पर जादू कर दिया. इस फिल्म की बड़ी सफलता के साथ ही श्रद्धा कपूर ने मॉडर्न हॉरर-कॉमेडी सिनेमा में अपनी एक अलग विरासत कायम कर ली है.






