औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं, काशी तो अविनाशी है: पीएम मोदी

pm in kashi

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने और अपने नए रंग-रूप को लेकर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

करीब 352 वर्ष बाद वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का नया रूप दुनिया के सामने आया है। आज पीएम मोदी इसको जनता को समर्पित किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करते हुए इस प्राचीन नगरी का महत्व बताया और कहा कि यहां सिर्फ डमरू वाले बाबा की ही चलती है। पीएम ने कहा कि काशी तो अविनाशी है और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आततायियों ने इस शहर पर हमले किए। औरंगजेब ने तलवार के दम पर संस्कृति को कुचलने की कोशिश की। लेकिन भारत की मिट्टी अलग ही है।

यहां कोई औरंगजेब आता है तो शिवाजी उठ खड़े होते हैं और जब कोई सालार मसूद आता है महाराजा सुहेलदेव भी जवाब देने आते हैं।

उन्होंने कहा कि काशी वह स्थान है, जहां जगदगुरु शंकराचार्य को डोमराजा की पवित्रता से प्रेरणा मिली। यहीं पर तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना की थी और कबीरदास से लेकर रविदास तक की धरती यह काशी बनी।

छत्रपति शिवाजी महाराज ने यहां प्रेरणा पाई। जैसे काशी अनंत है, ऐसे ही उसका योगदान भी अनंत है। उन्होंने कहा कि काशी पर औरंगजेब ने उत्याचार किए।

यहां मंदिर तोड़ा गया तो माता अहिल्याबाई होलकर ने इसका निर्माण कराया। उनकी जन्मभूमि महाराष्ट्र थी और इंदौर कर्मभूमि था। 250 साल पहले उन्होंने जो किया था, उसके बाद से अब जाकर यह बड़ा काम हुआ है।

पूज्य नानकदेव जी काशी आए थे और महाराजा रणजीत सिंह ने 23 मन सोना दान किया था। यही भारत की एकता का सूत्र है।

काशी विश्वनाथ धाम को नया रूप मिला तो करोड़ों गरीबों को भी घर मिले

अपने संसदीय क्षेत्र आए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का भारत हीनता के विचार से बाहर निकल रहा है। आज का भारत सिर्फ सोमनाथ मंदिर का सौंदर्यीकरण ही नहीं करता बल्कि ऑप्टिकल फाइबर भी बिछा रहा है। एक तरफ केदारनाथ मंदिर का पुनरुद्धार हो रहा है तो वहीं हम इसरो के मिशन भी लॉन्च कर रहे हैं।

आज का भारत न सिर्फ बाबा विश्वनाथ धाम को नया रूप दे रहा है बल्कि करोड़ों गरीबों के घर भी बन रहे हैं। आज भगवान राम से जुड़े स्थानों को जोड़ा जा रहा है। करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण हुआ है तो हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए रोपवे बनाने की तैयारी है।

पीएम ने कहा कि हमारे कारीगर, हमारे सिविल इंजीनयरिंग से जुड़े लोग, प्रशासन, वो परिवार जिनके यहां घर थे वो सभी का अभिनंदन करते हैं।

उन्‍होंने इन सबके साथ यूपी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी अभिनंदन किया जिन्होंने काशी विश्वनाथ धाम परियोजना को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया।

पीएम ने कहा कि आज वो हर उस श्रमिक भाई-बहनों का भी आभार व्यक्त करना चाहते हैं जिनका पसीना इस इस भव्य परिसर के निर्माण में बहा है। कोरोना के इस विपरित काल में भी उन्होंने यहां पर काम रुकने नहीं दिया।

150 से अधिक धर्माचार्य बने साक्षी

यूपी को आज मिली इस सौगात के गवाह देश के 150 से अधिक धर्माचार्य, संत-महंत व प्रबुद्धजन बने। इसके अलावा इसमें आम आदमी और दूसरे नेता भी जुड़े। भाजपा शासित राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री भी आज इसमें शामिल हुए। इस पल का सभी को इंतजार था।

यह स्थान करीब 5,27,730 वर्ग फीट में फैला है। जन आस्था के शीर्ष केंद्र के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से पूरे देश को जोडऩे के लिए 51,000 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन तैयार की गई।

बाबा की लीला तो बाबा ही जानें, उनके ही आशीर्वाद से बना कॉरिडोर

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे पुराणों में कहा गया है कि काशी में जैसे ही कोई आता है तो सारे बंधनों से मुक्त हो जाता है। आज आदिकाशी की अलौकिकता में एक अलग ही आभा और स्पंदन है। शाश्वत बनारस में आज अलग ही सामर्थ्य दिख रहा है।

कहा जाता है कि जब कोई अलौकिक होता है तो सारी शक्तियां काशी में बाबा के दरबार में आ जाती हैं। ऐसा लग रहा है कि हमारा पूरा चैतन्य ब्रह्मंड इससे जुड़ा हुआ है। बाबा की लीला बाबा ही जानें। 

उन्होंने कहा कि आज विश्वनाथ धाम अनंत ऊर्जा से भरा हुआ है। उसका वैभव विस्तार ले रहा है। उसकी विशेषता आसमान छू रही है। यहां आसपास जो अनेक प्राचीन मंदिर जो लुप्त हो गए थे, उन्हें भी पुनर्स्थापित किया जा चुका है। बाबा अपने भक्तों की सदियों की सेवा से प्रसन्न हुए हैं। इसलिए उन्होंने आज के दिन हमें यह आशीर्वाद दिया है।

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