
UP में शिक्षामित्रों का धरना, समायोजन और लंबित मांगों पर कार्रवाई की उठी मांग…
UP News: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने अपनी लंबित मांगों के समाधान को लेकर शनिवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के निकट स्थित अंबेडकर प्रतिमा प्रांगण में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए वर्षों से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
संघ का कहना है कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से कार्यरत हजारों शिक्षामित्र आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष मांगें रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण शिक्षामित्रों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
वर्षों से लंबित है समायोजन का मामला
संघ के जिलाध्यक्ष विजय दीप सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2015 में जारी शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय या महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान के निकट स्थित विद्यालय में समायोजित किया जाना था।
संघ का आरोप है कि लखनऊ और बाराबंकी को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश जिलों में यह प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके कारण बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों को रोजाना लंबी दूरी तय करके विद्यालय पहुंचना पड़ता है।
रोज 80 से 90 किलोमीटर का सफर
ज्ञापन में कहा गया कि कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर तक यात्रा करनी पड़ती है। इससे समय और आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। महिला शिक्षामित्रों को विशेष रूप से पारिवारिक जिम्मेदारियों और लंबी दूरी की यात्रा के कारण अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ का कहना है कि यदि शासनादेश के अनुसार समायोजन कर दिया जाए तो हजारों शिक्षामित्रों की यह समस्या आसानी से दूर हो सकती है।
यह भी पढ़ें…
मानसून हुआ एक्टिव! लखनऊ, कानपुर, अयोध्या समेत यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट…
सरकार से की त्वरित कार्रवाई की मांग
धरने के दौरान शिक्षामित्रों ने सरकार से मांग की कि उनकी लंबित समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और समायोजन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। संघ का कहना है कि शिक्षामित्र वर्षों से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं, इसलिए उनकी समस्याओं के समाधान में और देरी नहीं होनी चाहिए।
यह भी पढ़ें…
जंतर-मंतर से यूपी तक… छात्र आंदोलन को सपा ने बनाया यूपी चुनाव अभियान का लॉन्चपैड
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
संघ ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है। शिक्षामित्रों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षामित्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें…





