घने कोहरे में थमी रैली की राह… नदिया में ट्रेन हादसे ने छीनी BJP कार्यकर्ताओं की जान

Nadia Train Accident: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने राजनीतिक उत्साह को मातम में बदल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताहेरपुर रैली में शामिल होने जा रहे BJP कार्यकर्ता घने कोहरे के कारण ट्रेन की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में 3 से 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1 से 3 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा
यह हादसा ताहेरपुर और बादकुल्ला रेलवे स्टेशन के बीच कृष्णनगर–रानाघाट रेलखंड पर हुआ। सुबह तड़के इलाके में दृश्यता बेहद कम थी। जानकारी के मुताबिक, मुर्शिदाबाद जिले के बेरहामपुर और बुरवान क्षेत्र से आए करीब 40 BJP समर्थक शुक्रवार रात ताहेरपुर पहुंचे थे। सुबह कुछ लोग रेलवे ट्रैक के पास लघुशंका के लिए गए, तभी तेज रफ्तार लोकल ट्रेन आ गई। घने कोहरे की वजह से ट्रेन दिखाई नहीं दी और लोग उसकी चपेट में आ गए।


मौके पर अफरा-तफरी, अस्पताल में इलाज
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में मृतकों और घायलों की संख्या में अंतर है, जिस पर पुलिस और रेलवे अधिकारी तथ्यात्मक पुष्टि कर रहे हैं।

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PM Modi दी की यात्रा भी प्रभावित
इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ताहेरपुर में ‘परिवर्तन संकल्प सभा’ को संबोधित करना था और करीब 3200 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास भी प्रस्तावित था। लेकिन घने कोहरे के कारण उनका हेलीकॉप्टर हेलीपैड पर लैंड नहीं कर सका। इसके बाद पीएम मोदी ने कोलकाता से वर्चुअल माध्यम से रैली को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री का शोक संदेश
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार और पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।


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सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और घने कोहरे में सावधानियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस और रेलवे की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।

फिलहाल नदिया और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सहायता देने और घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिया गया है।

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