अरुणाचल जदयू के छह विधायक भाजपा में शामिल, केसी त्यागी ने कहा- गैर दोस्ताना कदम

ईटानगर। भारतीय जनता पार्टी ने एनडीए में शामिल अपने सहयोगी दल जदयू को बड़ा झटका दिया है। भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में नीतीश की पार्टी जदयू के छह विधायकों को तोड़ लिया है। राज्य में जदयू के सात विधायक थे, जिनमें से छह भाजपा शामिल हो गए हैं।

अरुणाचल में जेडीयू मुख्य विपक्ष के रूप में सदन में था जबकि सरकार बीजेपी की है। जेडीयू ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अनुचित और गैर दोस्ताना बताया है।

इसके पहले नागालैंड में भी जेडीयू के एकमात्र विधायक को वहां के मुख्यमंत्री ने तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करा लिया था।

राज्य विधानसभा के अनुसार, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के लिकाबाली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक करदो निग्योर भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। पंचायत और नगर निगम चुनाव के नतीजों की घोषणा से एक दिन पहले यह खबर सामने आई है।

रमगोंग विधानसभा क्षेत्र के तालीम तबोह, चायांग्ताजो के हेयेंग मंग्फी, ताली के जिकके ताको, कलाक्तंग के दोरजी वांग्दी खर्मा, बोमडिला के डोंगरू सियनग्जू और मारियांग-गेकु निर्वाचन क्षेत्र के कांगगोंग टाकू भाजपा में शामिल हो गए हैं।

जदयू ने 26 नवंबर को सियनग्जू, खर्मा और टाकू को ‘‘पार्टी विरोधी’’ गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें निलंबित कर दिया था।

इससे पहले जदयू के इन छह विधायकों ने पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों को कथित तौर पर बिना बताए तालीम तबोह को विधायक दल का नया नेता चुन लिया था। 

पीपीए विधायक को भी क्षेत्रीय पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में निलंबित कर दिया था। अरुणाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीआर वाघे ने कहा कि हमने पार्टी में शामिल होने के उनके पत्रों को स्वीकार कर लिया है।

60 सदस्यों की विधानसभा में केवल एक पर सिमटा जेडीयू

जेडीयू ने अरुणाचल प्रदेश में 2019 के विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें सात पर उसे जीत हासिल हुई थी। बीजेपी को 41 सीटें आयीं थीं।

बीजेपी के बाद जेडीयू ही अरुणाचल में सबसे बड़ी पार्टी थी। अब 60 सदस्यों की विधानसभा में बीजेपी के अब 48 सदस्य हो गए हैं। जबकि, जेडीयू एक पर सिमट गया है।

बीजेपी के ‘गैर दोस्‍ताना’ कदम का बिहार में असर नहीं

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू को तोड़े बिना भी बीजेपी की सरकार सहजता से चल रही थी। जेडीयू वहां रचनात्मक विपक्ष के रूप में था।

उन्‍होंने अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी के कदम को गैर दोस्ताना बताते हुए आपत्ति दर्ज की है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया इस घटनाक्रम का बिहार में जेडीयू और बीजेपी के रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यहां की स्थिति अलग है।

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