
लोकतंत्र की जीत, CJP और Gen Z को बधाई… शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक
: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इसे युवाओं की शांतिपूर्ण लड़ाई और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।
Dharmendra Pradhan Resignation: नीट (NEET) परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने स्वागत किया है। उन्होंने इस फैसले को देश के युवाओं, छात्रों और अहिंसक लोकतांत्रिक आंदोलन की एक ऐतिहासिक जीत करार दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपे जाने के तुरंत बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात रखी।
अहिंसा, शांति और दृढ़ संकल्प की विजय
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लिखा कि यह फैसला दिखाता है कि जब देश का नागरिक निडर होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ा होता है, तो व्यवस्था को जवाबदेह बनना ही पड़ता है।
IT’S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy… straight from the streets.
It’s a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… pic.twitter.com/rSLOfvba2R— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 25, 2026
जवाबदेही तय हो गई
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की संरचना और पारदर्शी परीक्षा आयोजन के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं, ताकि भविष्य में लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर न लगे।
अनशन के बाद बनी थी सहमति
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर अनशन शुरू किया था, जिसके बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया था।
गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात और सरकार द्वारा निष्पक्ष जांच तथा मांगों पर विचार करने के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया था। शनिवार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद उन्होंने सीजेपी (CJP) और आंदोलनकारी छात्रों के प्रयासों की सराहना की है।
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