
IND vs SA: भारत की हार से सेमीफाइनल की रेस पर असर, चौंकाने वाले है समीकरण
India vs South Africa: किसी ने नहीं सोचा था कि सुपर-8 राउंड के पहले ही मैच में भारत की इतनी करारी हार होगी. 76 रन से हुई हार ने सेमीफाइनल की रेस को एकदम से बदल दिया है।
India vs South Africa: वर्ल्ड कप में जीत के रथ पर सवार भारतीय क्रिकेट टीम का गुरुर टूट चुका है. साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 राउंड के पहले ही मैच में भारत को 76 रन से रौंद डाला. ये टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी तो टी-20 फॉर्मेट की दूसरी सबसे बड़ी हार है. इस बड़ी और शर्मनाक हार के साथ भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी करारा झटका लगा है. समीकरण कुछ ऐसे बन रहे हैं कि अब यहां से टीम इंडिया अपने बचे दोनों मैच भी जीत जाती है तो भी शायद सेमीफाइनल में न पहुंच पाए और उसका वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो जाए
टीम इंडिया चार की रेस से वर्तमान में बाहर!
चार सेमीफाइनलिस्ट टीमों की रेस में फिलहाल भारत नहीं है. अब इसमें दक्षिण अफ्रीका सबसे आगे है, तो दूसरे नंबर पर ग्रुप 2 की टीम इंग्लैंड दूसरे नंबर पर है. वहीं, न्यूजीलैंड तीसरे और पाकिस्तान चौथे नंबर पर है. सुपर-8 राउंड में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के दो-दो, तो न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के एक-एक प्वाइंट है. बहरहाल, भारत को निराश होने की जरूरत नहीं है. अगर टीम इंडिया यहां से अपने दोनों मैच जीतने में सफल रहती, तो वह अंतिम चार में पहुंच जाएगी. लेकिन ऐसा तभी होगा, जब किसी और टीम के उसके बराबर चार अंक न हों. और अगर ऐसा होता है, तो भारत को अपना नेट रन-रेट बेहतर करना होगा.
सेमीफाइनल में पहुंचना दूसरी टीम के नतीजों पर भी निर्भर
टीम इंडिया के लिए अब सेमीफाइनल में पहुंचना खुद की मेहनत के साथ-साथ ग्रुप-1 की दूसरी टीम के नतीजों पर भी निर्भर करेगा. सबसे सिंपल रास्ता ये है कि साउथ अफ्रीका अपने बचे दोनों मैच जीते और भारत भी अपने बचे दोनों मैच में जीत हासिल करे, इससे साउथ अफ्रीका छह और भारत चार पॉइंट के साथ सेमीफाइनल में होगा. अगर साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे से हारा तो चार-चार अंक के साथ तीन टीम के बीच टाई हो जाएगा. भारत रन की हार के साथ नट रनरेट -3.8 के साथ बेहद घटिया है.
ऐसे में सबसे पहले तो भारत को 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और फिर 1 मार्च को वेस्टइंडीज पर बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी और फिर दूसरी टीम के नतीजों पर नजर रखनी होगी. दुआ करनी होगी कि साउथ अफ्रीका अपने सारे मैच जीते, क्योंकि प्रोटियाज अगर एक मैच भी गंवाता है तो भारत के लिए आंकड़े जटिल और समीकरण मुश्किल हो जाएंगे.
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