महिला आरक्षण बिल गिरा तो…अपर्णा यादव ने सपा-कांग्रेस के झंडे जलाए

UP Political News: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास न होने पर बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला. लखनऊ में अपर्णा यादव ने सपा और कांग्रेस का झंडा जलाकर विरोध जताया.

UP Political News: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों के पारित न हो पाने के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा राजनीतिक विरोध देखने को मिला। यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने लखनऊ विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ होने का आरोप लगाया।

अपर्णा यादव का विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात लखनऊ के विधान भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के झंडे जलाए। अपर्णा यादव ने कहा कि इस बिल को पास न होने से महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।

उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह बिल अटका हुआ है। महिला आयोग की सदस्यों ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। अपर्णा यादव ने कहा कि शनिवार को इस मामले में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

ये भी पढ़े- विकसित भारत’ के लिए तैयार हो रहा लखनऊ, गोवा सम्मेलन में पेश हुआ प्लान…

विपक्ष पर तीखा हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने महिला आरक्षण कानून पास कराने के लिए गंभीर प्रयास किए, लेकिन जो कुछ लोकसभा में हुआ वह “कलंकित करने वाली घटना” है। अपर्णा ने कहा कि अगर बिल पास हो जाता तो देशभर में जश्न मनाया जाता, जिसके लिए पहले से कार्यक्रम तय किए जा रहे थे।

इधर समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भी महिलाओं ने प्रदर्शन किया और अखिलेश यादव व राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। महिला आयोग की एक सदस्य ने कहा कि बिल पास न होने से महिलाओं की उम्मीदें टूट गईं और इसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है। वहीं अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि भाजपा को प्रदर्शन के लिए “कम से कम 12 महिलाएं” तो भेजनी चाहिए थीं।

ये भी पढ़े- UP Politics: योगी सरकार में जल्द होगा विस्तार, 6 मंत्री बनेंगे, जातीय समीकरण पर फोकस

दरअसल, महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने के प्रावधान वाले इस बिल पर करीब 21 घंटे चर्चा हुई। वोटिंग में 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 298 वोट पक्ष में और 230 विपक्ष में पड़े। हालांकि, बिल पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिसके चलते यह प्रस्ताव गिर गया।

ये भी पढ़े-  गिरगिट की तरह रंग बदलती है कांग्रेस और सपा, बसपा चीफ मायावती का बड़ा बयान…

Back to top button