
अनुपूरक बजट से कल्याणकारी योजनाओं को नई ताकत, योगी सरकार का समावेशी विकास पर जोर
UP Supplementary Budget: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण, जनजाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण तथा महिला एवं बाल विकास विभागों के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत कर सरकार ने सामाजिक न्याय, आर्थिक सुरक्षा और समावेशी विकास को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया है।
समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जाति घटक योजना के तहत 1496 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों के लिए 15.46 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 1223 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत दुर्बल आय वर्ग के भवनों में राज्यांश द्वारा बाह्य विकास कार्यों हेतु 20.16 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वहीं पीएम अजय योजना के लिए 147 करोड़ रुपये और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में फर्नीचर व अन्य सुविधाओं के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन के क्रियान्वयन को 14.48 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए चार करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए पांच करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। सघन मत्स्य पालन योजना के तहत एयरेशन सिस्टम की स्थापना के लिए 45.75 लाख रुपये, राजकीय पॉलिटेक्निकों की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विशेष घटक योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के एक अन्य चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जनजाति कल्याण से जुड़ी योजनाओं को भी अनुपूरक बजट से संबल मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 11.40 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत बाह्य विकास कार्यों के लिए 1.92 करोड़ रुपये, नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन के लिए 1.05 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 27.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। रेशम विकास योजना के लिए 65 लाख रुपये तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी गई है।
समाज एवं अनुसूचित जाति कल्याण के अंतर्गत अटल अभ्युदय योजना के क्रियान्वयन हेतु 5.58 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता मिलेगी।
पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़े प्रावधान किए हैं। पिछड़ा वर्ग के दशमोत्तर विद्यार्थियों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 की अवशेष राशि और 2025-26 की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 361 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन कर्मियों की पुत्रियों के विवाह के लिए 32 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों की स्थापना एवं संचालन के लिए 2.66 करोड़ रुपये तथा दिव्यांग कर्मियों के कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए 3.60 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
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इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण को दो करोड़ रुपये, सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित बनाने हेतु छह करोड़ रुपये, डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय को 5.43 करोड़ रुपये तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लखनऊ और अयोध्या के राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह एवं प्रशिक्षण केंद्रों के भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये और गोरखपुर स्थित संकेत राजकीय मूक-बधिर विद्यालय व स्पर्श राजकीय बालक इंटर कॉलेज के लिए भी अतिरिक्त धनराशि दी गई है।
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महिला एवं बाल कल्याण के तहत पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 535 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 13.47 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई है।
कुल मिलाकर, अनुपूरक बजट के ये प्रावधान दर्शाते हैं कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तीकरण और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लक्ष्य पर लगातार काम कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि इस अतिरिक्त बजटीय सहायता से प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं को नई गति मिलेगी और समाज के कमजोर वर्गों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
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