Modi के डर का खामियाजा देश भुगत रहा… विदेश नीति पर कांग्रेस का तीखा वार

Modi-Trump AI Video: कांग्रेस ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक 43 सेकेंड का AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

वीडियो के साथ कांग्रेस ने कैप्शन लिखा— “मोदी के डर का खामियाजा देश भुगत रहा है।” इस पोस्ट के सामने आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है।

AI वीडियो में क्या दिखाया गया
कांग्रेस द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प को फोन पर बातचीत करते हुए दिखाया गया है। वीडियो की स्क्रिप्ट के मुताबिक, मोदी ट्रम्प से कहते हैं कि वे जैसा कहेंगे, वैसा ही करेंगे। इसमें रूस से तेल आयात घटाने, सीजफायर कराने और टैरिफ के डर का ज़िक्र किया गया है।


वीडियो में ट्रम्प को यह कहते दिखाया गया है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वे भारत पर टैरिफ बढ़ा देंगे। जवाब में मोदी के किरदार को यह कहते हुए दिखाया गया है कि वे जनता पर बोझ डालकर भी ट्रम्प को खुश करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह वीडियो व्यंग्यात्मक है और सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाने के लिए बनाया गया है।

ट्रम्प के बयान से जुड़ा है पूरा विवाद
इस AI वीडियो की पृष्ठभूमि 5 जनवरी को दिए गए ट्रम्प के बयान से जुड़ी है। ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि भारत ने रूस से तेल आयात कम करने का फैसला उन्हें खुश करने के लिए लिया। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों में टैरिफ बढ़ाने का विकल्प हमेशा मौजूद है।

इसी बयान को आधार बनाकर कांग्रेस मोदी सरकार पर यह आरोप लगा रही है कि वह अमेरिकी दबाव में आकर फैसले ले रही है और इससे देश के हित प्रभावित हो रहे हैं।

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कांग्रेस नेताओं के तीखे बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्रम्प के बयान और AI वीडियो के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोला। खड़गे ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि प्रधानमंत्री ट्रम्प के सामने क्यों झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश ने प्रधानमंत्री को सिर हिलाने के लिए नहीं, बल्कि देशहित में मजबूती से खड़े रहने के लिए चुना है।

वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने अमेरिका की वैश्विक नीति और वेनेजुएला में हुई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां जो हुआ, क्या वैसा भारत में भी हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ट्रम्प किसी अन्य देश की तरह भारत पर भी दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

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AI, राजनीति और नैतिकता पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय राजनीति में AI के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष इसे राजनीतिक व्यंग्य और अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल के समर्थक इसे प्रधानमंत्री की छवि खराब करने और जनता को गुमराह करने की कोशिश करार दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ राजनीतिक दलों को इसकी जिम्मेदारी और नैतिक सीमाओं पर भी गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि गलत सूचना और भ्रम की स्थिति न बने।

कांग्रेस के इस AI वीडियो के बाद यह साफ है कि भारत की विदेश नीति, अमेरिका के साथ रिश्ते और प्रधानमंत्री की वैश्विक भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सोशल मीडिया तक गर्म रहने की संभावना है।

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