कल है मकर संक्रांति… जानें कब करें मुनि, देव और मानव स्नान

Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति को अत्यंत पावन और पुण्यदायी पर्व माना गया है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति 15 जनवरी, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण को देवताओं का काल कहा गया है, इसलिए इस अवधि में किया गया स्नान, दान और जप-अनुष्ठान विशेष फल प्रदान करता है।

मकर संक्रांति पर स्नान-दान का महत्व
मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से स्नान-दान करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान कभी नष्ट नहीं होता और इसका फल कई गुना होकर प्राप्त होता है।

मकर संक्रांति 2026 स्नान का शुभ मुहूर्त
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति पर स्नान के लिए पर्याप्त शुभ समय उपलब्ध रहेगा।
15 जनवरी को सुबह 4 बजे से दोपहर 3 बजे तक किसी भी समय पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल पर स्नान किया जा सकता है।

हालांकि, शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
दृग पंचांग के अनुसार:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक

इस समय में किया गया स्नान विशेष पुण्य प्रदान करता है।

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नदी न जा सकें तो क्या करें
यदि किसी कारणवश गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही स्नान किया जा सकता है। इसके लिए स्नान के पानी में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान करें। स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।

क्यों सवेरे-सवेरे स्नान करना श्रेष्ठ माना गया है
शास्त्रों में मकर संक्रांति के दिन अलग-अलग समय के स्नान का अलग-अलग फल बताया गया है—

  • सुबह 4 से 5 बजे: मुनि स्नान — बल, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति
  • सुबह 5 से 6 बजे: देव स्नान — धन, यश और वैभव की प्राप्ति
  • सुबह 6 से 8 बजे: मानव स्नान — सौभाग्य और कार्यों में सफलता
  • सुबह 8 बजे के बाद: राक्षसी स्नान — शास्त्रों में इस समय स्नान को अशुभ बताया गया है

मान्यता है कि देर से स्नान करने से दरिद्रता और मानसिक कष्ट बढ़ सकते हैं, इसलिए प्रातःकाल स्नान करना सर्वोत्तम माना गया है।

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मकर संक्रांति पर क्या करें दान
मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन विशेष रूप से निम्न वस्तुओं का दान शुभ फल देता है—

  • तिल और गुड़
  • नवीन अन्न और खिचड़ी
  • कंबल और वस्त्र
  • घी और गर्म कपड़े

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण काल में किया गया दान कभी निष्फल नहीं होता। विशेषकर गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को दिया गया दान ग्रहों की अशुभता को कम करता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।

धार्मिक संदेश
मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संयम, दान, सेवा और सकारात्मक जीवन दृष्टि का प्रतीक है। यह पर्व सूर्य की तरह जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और नई शुरुआत का संदेश देता है।

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