Rahul Gandhi के डोकलाम बयान पर लोकसभा में हंगामा, स्पीकर ने रोक लगाई

Rahul Gandhi Statement: संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई, तभी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डोकलाम से जुड़े एक संवेदनशील सुरक्षा मुद्दे का हवाला दिया, जिसके बाद सदन में गर्माहट फैल गई।

क्या कहा गया?
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में दावा किया कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारतीय सीमा की करीब 100 मीटर के अंदर तक दाखिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि वह इस दावे को पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवाणे की एक कथित किताब से उद्धृत कर रहे हैं, जिसे उनकी दलील के अनुसार “सरकार ने प्रकाशित नहीं होने दिया” है।

सरकार की प्रतिक्रिया
जैसे ही राहुल गांधी ने डोकलाम का जिक्र किया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत उठकर विरोध करने लगे और कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में ऐसा कोई विषय नहीं था, और डोकलाम से जुड़े दावे को बिना प्रकाशित स्रोत के सदन में नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने यह भी पूछा कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है, वह वास्तव में प्रकाशित हुई है या नहीं।

गृहमंत्री अमित शाह ने भी पलटा
अमित शाह ने कहा कि अगर किताब प्रकाशित नहीं हुई है तो उसका हवाला देना सदन के नियमों के खिलाफ है, और इस तरह के दावों से सदन भटक सकता है।

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स्पीकर का निर्णय
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि लोक सभा के नियमों के मुताबिक अप्रकाशित या संदर्भहीन स्रोतों का हवाला नहीं दिया जा सकता, और इसी आधार पर राहुल गांधी को रोक दिया गया।

क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है?
डोकलाम भारतीय सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण त्रि-सीमा क्षेत्र है, जहां पहले भी भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध रहा है। इसीलिए संसद में इसका जिक्र सुरक्षा और विदेश नीति के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।

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हंगामा क्यों हुआ?

  • संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए निर्धारित विषय होता है, और विपक्ष का दावा है कि भारत की सीमाओं से जुड़े मामले भी महत्वपूर्ण हैं।
  • सरकार की तरफ से कहा गया कि बिना पुष्ट स्रोतों के ऐसे दावे सदन की विषय‑व्यवस्था से बाहर हैं, जिससे हंगामा शुरू हुआ।

रक्षा मंत्री और गृह मंत्री की आपत्तियों के बाद चर्चा में तनाव बना रहा, लेकिन पूरी बहस अभी जारी है और संसद के अगले दिनों में इसे आगे भी लिया जा सकता है।

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