UP News: अलंकार अग्निहोत्री अब हुए सस्पेंड, बरेली सिटी मजिस्ट्रेट की जांच करेंगे कमिश्नर

Alankar Agnihotri News: ब्राह्मणों और साधु संतों के अपमान का मुद्दा उठाते हुए UP के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और उनकी इस्तीफा वायरल है।

Alankar Agnihotri News: बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति है। देर रात तक उन्हें जिले के आला अधिकारी समझाते और मान मनौव्वल करते रहे लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रहे। इसके बाद आधी रात उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। प्रशासनिक हलकों में अब यह सवाल तैर रहा है कि 10 साल तक आईटी सेक्टर में कॉर्पोरेट अनुभव रखने वाले और पहली बार में ही पीसीएस क्लियर करने वाले अलंकार अग्निहोत्री आखिर इस्तीफा देते समय कहां चूक गए? उनके इस्तीफे के बाद शासन ने न केवल उन्हें निलंबित किया, बल्कि शामली अटैच कर विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश भी दे दिए हैं।

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को इस्तीफा दिए जाने के बाद अब सस्पेंड कर दिया गया है. उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी बरेली के मंडलायुक्त को सौंपी गई है. अलंकार अग्निहोत्री की लिखी चिट्ठी के मुताबिक, वह साल 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं। मौजूदा वक्त में वह यूपी के बरेली जिले में सिटी मैजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे। PCS अफसर बनने से पहले 10 साल तक आईटी सेक्टर में नौकरी करने वाले अलंकार अग्निहोत्री आईआईटी बीएचयू से बीटेक की डिग्री हासिल कर चुके हैं और इसी डिग्री के आधार पर वह आईटी की नौकरी कर रहे थे।

इस्तीफे की अहम वजह क्या है?

अपनी चिट्ठी में अलंकार अग्निहोत्री लिखते हैं, ‘प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी और उनके शिष्य बटुक ब्राह्मणों से स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की और वृद्ध आचार्यों को मारते हुए बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर और उसकी शिखा को हाथ से घसीटकर पीटा गया और उसकी मर्यादा का हनन किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय प्रशासन और वर्तमान की राज्य सरकार एक ब्राह्णण विरोधी विचारधारा के साथ काम कर रही है और साधु संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है।’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बातचीत

यूजीसी नियमों में बदलाव और शंकराचार्य विवाद के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आए बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अब एक नए घटनाक्रम को लेकर सुर्खियों में हैं. इस्तीफा देने के बाद अग्निहोत्री ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बातचीत की.इस संवाद के दौरान शंकराचार्य ने न केवल अग्निहोत्री के साहसी निर्णय की सराहना की, बल्कि अपनी स्पष्ट और भावनात्मक प्रतिक्रिया भी व्यक्त की.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए प्रशासनिक पद का त्याग करने के इस कदम को एक मिसाल बताया. प्रशासनिक हलकों में इस बातचीत के कई मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि एक सरकारी अधिकारी का धार्मिक मान्यताओं के समर्थन में पद छोड़ना और सीधे शंकराचार्य से आशीर्वाद लेना बड़ी घटना मानी जा रही है.

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त और उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखी चिट्ठी में अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों को रॉलेट ऐक्ट जैसा बताया है। अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई घटना के बहाने स्थानीय प्रशासन को घेरते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने योगी सरकार पर ब्राह्मण विरोधी होने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार में मौजूद ब्राह्मण जनप्रतिनिधियों ने कोई विरोध नहीं जताया और ब्राह्मणों के हित में बात करने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं है जिससे यह वर्ग अनाथ और असहाय महसूस कर रहा है।

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