नारी शक्ति के अपमान पर विश्व हिंदू रक्षा परिषद का हल्ला बोल, लखनऊ में विरोध प्रदर्शन

Lucknow News: विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने लखनऊ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में विपक्ष पर साधा निशाना। राष्ट्रपति से की सांसदों पर कार्रवाई की मांग।

Lucknow News: विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में आज लखनऊ के गोमती नगर स्थित केंद्रीय कार्यालय पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा अपनाए गए रुख के विरोध में था। गोपाल राय ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सदन में इस ऐतिहासिक विधेयक की राह में रोड़े अटकाना भारतीय लोकतंत्र और आधी आबादी के अधिकारों पर एक बड़ा आघात है।

“यह केवल विधेयक नहीं, करोड़ों महिलाओं के सपनों की हत्या है”

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गोपाल राय ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित न होना केवल एक विधायी विफलता नहीं है, बल्कि उन अनगिनत महिलाओं की आकांक्षाओं का गला घोंटना है जो समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा:

“जो स्त्रियाँ घर की चारदीवारी को लांघकर देश सेवा और शासन व्यवस्था में अपना योगदान देना चाहती हैं, विपक्षी दलों ने उनके अस्तित्व को नकारने का प्रयास किया है। यह निंदनीय कृत्य इतिहास के काले पन्नों में दर्ज होगा।”

संवैधानिक समानता और सामाजिक न्याय पर प्रहार

गोपाल राय ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 में निहित समानता के अधिकार को धरातल पर उतारने का एक प्रयास था। सामाजिक न्याय का ढोंग करने वाले दलों ने ही इस विधेयक का विरोध कर अपनी वास्तविकता उजागर कर दी है। उन्होंने इसे ‘जनभावनाओं के विरुद्ध आचरण’ करार दिया।

महामहिम राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

इस विरोध प्रदर्शन के अंत में गोपाल राय ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन जारी किया, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं:

  1. नैतिक समीक्षा: नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले सांसदों के आचरण की संवैधानिक और नैतिक आधार पर उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए।

  2. अनुशासनात्मक कार्रवाई: महिला सशक्तिकरण की दिशा में बाधा उत्पन्न करने वाले जनप्रतिनिधियों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई भी महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ न कर सके।

  3. सशक्तीकरण की सुरक्षा: देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

ये भी पढ़े- अवैध कब्जे और धर्मांतरण पर भड़का आक्रोश, विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल का प्रदर्शन

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए और विपक्षी दलों ने अपना नकारात्मक रवैया नहीं बदला, तो यह आंदोलन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रव्यापी रूप दिया जाएगा। गोपाल राय ने अंत में आह्वान किया कि देश का हर जागरूक नागरिक नारी शक्ति के इस अपमान के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करे।

ये भी पढ़े- महिला आरक्षण बिल गिरा तो…अपर्णा यादव ने सपा-कांग्रेस के झंडे जलाए

Back to top button