
Nanda Devi Express में महिला के गायब होने से हड़कंप, GRP-RPF की लापरवाही पर सवाल
Kanpur News: Nanda Devi Express से एक महिला के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड और रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। चारधाम यात्रा के व्यस्त सीजन के बीच हुई इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद महिला का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं परिजनों ने Laksar रेलवे स्टेशन पर लगे अधिकांश CCTV कैमरों के बंद होने का आरोप लगाते हुए रेलवे प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
केदारनाथ यात्रा से लौट रही थी महिला
जानकारी के अनुसार Kanpur के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित मछलियां रोड निवासी 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष सिंह के साथ केदारनाथ यात्रा से लौट रही थीं। दोनों 5 मई 2026 को Dehradun से गाजियाबाद जाने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस में सवार हुए थे।
परिजनों के मुताबिक रात करीब 12 बजे बहादुरपुर आउटर और लक्सर रेलवे क्षेत्र के बीच अचानक प्रज्ञा सिंह ट्रेन से लापता हो गईं। महिला के भाई विभूम विश्नोई, जेठ दीपक अग्रेही और अन्य परिजनों ने बताया कि काफी देर तक ट्रेन में तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका।
मोबाइल की आखिरी लोकेशन लक्सर के पास
परिजनों के अनुसार प्रज्ञा सिंह के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन Laksar के आसपास मिली है। इससे आशंका जताई जा रही है कि महिला ट्रेन से उसी इलाके में गायब हुई।
महिला के अचानक गायब होने के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पति और अन्य यात्रियों ने पूरे कोच में तलाश की, लेकिन महिला का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद मामले की सूचना रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन को दी गई।
पुलिस, GRP और RPF की संयुक्त तलाश
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की टीमें सक्रिय हो गईं। रेलवे ट्रैक, आसपास के इलाकों, होटल, अस्पताल और संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक महिला की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं और हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है। हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
बंद पड़े CCTV कैमरों पर परिजनों का गुस्सा
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति सामने आई। परिजनों का आरोप है कि Laksar रेलवे स्टेशन पर लगे अधिकांश कैमरे बंद पड़े थे, जिसकी वजह से महिला की गतिविधियों से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फुटेज नहीं मिल पाया।
इस बात को लेकर परिजनों की स्टेशन अधीक्षक केआर मीना से तीखी बहस भी हुई। परिवार का कहना है कि यदि कैमरे चालू होते तो महिला की मूवमेंट का पता लगाया जा सकता था और जांच में बड़ी मदद मिलती।
परिजनों ने सवाल उठाया कि चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील और व्यस्त समय में रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों थी। उनका आरोप है कि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही के कारण महत्वपूर्ण सुराग हाथ से निकल गए।
चारधाम यात्रा के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना ऐसे समय हुई है जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के चलते भारी संख्या में श्रद्धालु रेलवे और सड़क मार्ग से सफर कर रहे हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि कई स्टेशनों पर CCTV कैमरे खराब पड़े रहते हैं और सुरक्षा निगरानी नाम मात्र की है। इस घटना ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
Laksar के सीओ ने बताया कि महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उपलब्ध CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और तकनीकी टीम भी जांच में जुटी है।
अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला ट्रेन से कैसे और किन परिस्थितियों में गायब हुई। पुलिस मोबाइल लोकेशन, यात्रियों के बयान और ट्रेन के रूट से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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परिवार में चिंता और बेचैनी
घटना के बाद से महिला का परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द महिला को सुरक्षित खोज निकालने की मांग की है।
यह मामला अब केवल एक गुमशुदगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था, स्टेशन निगरानी तंत्र और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल बन गया है।
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