अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों पर बोला हमला

ईरान ने अमेरिकी बेस पर दागीं 20 मिसाइलें

खाड़ी में संकट: क्रूड OIL में आया भारी उछाल

तेहरान। पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी युद्धपोत पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के 5 तेल टैंकरों पर बड़ा हवाई हमला किया है। इसके तुरंत बाद ईरान ने पलटवार करते हुए जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। दोनों शक्तियों के बीच सीधे टकराव से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले 48 घंटों में एक अमेरिकी युद्धपोत को दो बार निशाना बनाए जाने के प्रतिशोध में यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) से जुड़े 4 टैंकरों को ध्वस्त किया, जबकि 5वां टैंकर ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र ‘खार्ग द्वीप’ के पास निशाना बनाया गया।
हमले के तुरंत बाद ईरान ने जॉर्डन में स्थित एक प्रमुख अमेरिकी सैन्य अड्डे पर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने 18 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि शेष 2 मिसाइलें रिहायशी इलाकों से दूर गिरीं, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
IRGC की चेतावनी ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर मौजूद सभी अमेरिकी जहाजों और उनसे जुड़े तेल टैंकरों के चालक दल (क्रू) को तत्काल जहाज खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि बंदरगाहों पर खड़े या लंगर डाले जहाजों को भी सीधा निशाना बनाया जाएगा।खाड़ी क्षेत्र में शुरू हुई इस ‘टैंकर वॉर’ के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका से एशियाई बाजारों में कच्चे तेल के दाम अचानक बढ़ गए।

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