
भारत के युवा भविष्य ही नहीं, वर्तमान की बड़ी शक्ति
PM मोदी ने की युवाओं के प्रयासों की सराहना
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री की संस्कृत वाणी
‘चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति
दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, ‘हमारे युवा साथी देश का भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। उन्होंने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य से दुनियाभर में अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने युवाओं की संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य की सराहना की। पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक साझा कर बताया कि विचार, वाणी और कर्मों से लोगों का दिल जीतने वाला व्यक्ति विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत का श्लोक भी एक्स पर पोस्ट किया, ‘चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्। प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।’ इस श्लोक का हिंदी अर्थ है- ‘जो व्यक्ति अपनी दृष्टि, विचारों, वाणी और कर्मों के माध्यम से लोगों का हृदय जीत लेता है, वह ही उनके विश्वास, सम्मान और सद्भाव का पात्र बनता है।





