सनातन की आड़ में मोदी का मंदिर उचित नहीं:कांग्रेस

सनातन धर्म किसी व्यक्ति, दल या सत्ता का अधिकार नहीं

लखनऊ। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंदिर बनाने की पहल पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह यादव का तीखा प्रहार, बोले सनातन की आड़ में व्यक्ति पूजा को बढ़ावा देना उचित नहीं।अंकित सिंह यादव ने कहा कि भगवान राम, भगवान कृष्ण, महादेव, मां दुर्गा और सनातन के करोड़ों देवी-देवताओं की पूजा हमारी हजारों वर्ष पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के नाम पर राजनीतिक व्यक्तियों को भगवान के समान स्थापित करने की कोशिश न केवल आस्था की गरिमा को प्रभावित करती है, बल्कि इससे वास्तविक धार्मिक भावनाओं और सनातन परंपराओं का भी अवमूल्यन होता है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा सनातन धर्म किसी व्यक्ति, दल या सत्ता का निजी अधिकार नहीं है। सनातन हमारी सभ्यता, संस्कृति और जीवन-मूल्यों की विराट परंपरा है। भगवान के स्थान पर किसी जीवित राजनेता को खड़ा करना सनातन की महान परंपरा का सम्मान नहीं, बल्कि उसके मूल स्वरूप को कमजोर करने वाली प्रवृत्ति है। यादव ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति सम्मान व्यक्त करना है तो लोकतांत्रिक तरीके से उनके कार्यों की प्रशंसा की जा सकती है, लेकिन मंदिर बनाकर किसी जीवित राजनेता को भगवान के समकक्ष स्थापित करना भारतीय लोकतांत्रिक संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन संविधान, लोकतंत्र और सनातन संस्कृति की परंपराएं सदियों तक कायम रहती हैं।

अंकित सिंह यादव ने कहा कि “हम सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करते हैं। हमारी आपत्ति किसी व्यक्ति के सम्मान से नहीं, बल्कि देवी-देवताओं की आस्था को राजनीतिक व्यक्तिपूजा के साथ मिलाने की प्रवृत्ति से है। उन्होंने कहा कि सनातन की शक्ति उसके विराट स्वरूप, सहिष्णुता और आध्यात्मिक चेतना में है, न कि किसी राजनीतिक व्यक्तित्व को भगवान का दर्जा देने में।

उन्होंने डॉ. राजन सिंह को सलाह देते हुए कहा कि यदि वास्तव में समाज और सनातन की सेवा करनी है तो गरीबों, वंचितों, महिलाओं, युवाओं और किन्नर समाज के अधिकारों के लिए काम किया जाए, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान दिया जाए और सामाजिक समरसता को मजबूत किया जाए। यही वास्तविक सेवा और राष्ट्रधर्म है।

अंकित सिंह यादव ने कहा कि सनातन के देवी-देवताओं का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। किसी भी राजनीतिक उद्देश्य के लिए उनकी आस्था और प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। भगवान को भगवान ही रहने दीजिए और लोकतंत्र में नेता को नेता की मर्यादा में रखिए यही सनातन की भी गरिमा है और लोकतंत्र की भी।

गौरतलब है कि बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड के सदस्य डॉ. राजन सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंदिर बनवाए जाने की चर्चा के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म आस्था, मर्यादा, त्याग और सेवा की महान परंपरा है, इसे किसी व्यक्ति विशेष की राजनीतिक व्यक्ति पूजा तक सीमित करना सनातन की मूल भावना के साथ न्याय नहीं है।

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