
भारत की आज़ादी का केंद्र बिंदु यूपी था:मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया संबोधन
‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत गोरखपुर में तिरंगा यात्रा
गोरखपुर। भारत के आन, बान और शान की पहचान है तिरंगा। देश की आज़ादी के आंदोलन के दौरान देश के स्वाधीनता सैनानियों ने अलग अलग प्रकार के ध्वज लेकर के देश की आज़ादी को नयी गति दी थी। पहले आम जनता को घर पर राष्ट्र ध्वज लगाने के लिए न्यायलय में लड़ाई लड़नी पड़ती थी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दाल ये सुविधा भारतीयों को नहीं दे पायी लेकिन हम आभारी है पीएम मोदी के जिन्होंने हर घर तिरंगा अभियान शुरू करके ये हक़ हर भारतीय को नहीं दिया।
आज़ादी की लय को आगे बढ़ाया
भारत की आज़ादी का केंद्र बिंदु यूपी बना था। कभी मंगल पांडेय ने जो चिंगारी लगायी थी, गोरखपुर में शहीद बंदु सिंह, झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई, बिठूर कानपूर में तात्या टोपे, मेरठ में धनसिंघ कोतवाल के नेतृत्व में ये लड़ाई गाँव से निकल कर पूरे देश में पहुंच गयी थी। ये आज़ादी ऐसे नहीं मिली, इसके लिए कीमत चुकानी पड़ी थी। चौरी चौरा घटने के बाद अंग्रेज़ो के चूले हिल गयी थे।
क्रांतिकारियों को सम्मान में है तिरंगा यात्रा
काकोरी ट्रैन एक्शन ने भारत से लुटे जा रहे पैसे को वापस हासिल किया और आज़ादी की लय को आगे बढ़ाया।काकोरी ट्रैन एक्शन को अंग्रेज़ो ने डकैती कहा था और दुर्भाग्य ये था कि देश के आज़ाद होने से 2022 तक यही पढ़ाया जाता था कि ये डकैती थी। क्रांतिकारियों का इससे बड़ा अपमान क्या हो सकता है। प्रधानमंत्री जी ने इसे ट्रैन एक्शन कि घटना बताया। उन्होंने कहा जो भारत को लूट रहे थे हमारे क्रांतिकारियों ने उन्हें लूटा और अपना देश का पैसा वापस लाये। सभी क्रांतिकारियों को सम्मान नहीं मिल पाया। आज़ादी के बाद इन क्रांतिकारियों की मूर्तियां तक नहीं रखनी दी जाती थी। इनके नाम पर कोई संस्था तक के नाम नहीं रखने दिए जाते थे बल्कि एक ही परिवार के नाम से सारी संस्थाओं के नाम होते थे। एक ही परिवार के नाम से सारी स्कीम घोषित होती थी। आज इन क्रांतिकारियों को सम्मान दिया जा रहा है। ये तिरंगा यात्रा इन्ही के लिए है।





