चढ़ावा चोरी पर संतों का हल्लाबोल! दिल्ली में प्रदर्शन कर PM मोदी से लगाई गुहार

Delhi: अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर दिल्ली में सोमवार को साधु-संतों ने प्रदर्शन किया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे 100 से ज्यादा संत, महंत और महामंडलेश्वर बाराखंबा रोड स्थित नेपाली दूतावास के पास एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई।

संतों का कहना है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे से जुड़े किसी भी तरह के कथित भ्रष्टाचार या चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान संतों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच कराई जाए और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

100 से ज्यादा संतों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन में देशभर से आए संत-महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए। संतों ने कहा कि वे प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली पहुंचे हैं। उनका कहना था कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है तो उसकी पारदर्शी जांच जरूरी है।

प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सरकार से मांग की कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

‘दोषियों को जेल भेजा जाए’
प्रदर्शन में ज्ञापन देने के लिए शामिल इंद्रप्रस्थ पीठ के संत जगद्गुरु स्वामी रामानुजाचार्य ने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े जो भी लोग इस मामले में संलिप्त पाए जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दोषियों को जेल भेजने की मांग की।

संतों का कहना है कि इस तरह के मामले सामने आने से संत समाज की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित चढ़ावा चोरी के मामले का असर सनातन धर्म की छवि पर भी पड़ रहा है। इसलिए किसी भी दोषी व्यक्ति को बचाया नहीं जाना चाहिए।

PM आवास की ओर बढ़ना चाहते थे संत
प्रदर्शनकारी संत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी मांग सीधे पहुंचाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने की अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस ने उन्हें मंडी हाउस से आगे नहीं जाने दिया।

पुलिस की ओर से रोके जाने के बाद भी संतों ने अपना विरोध जारी रखा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे कानून का पालन करेंगे और किसी तरह का टकराव नहीं चाहते।

संतों ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाना था और प्रदर्शन के जरिए उनकी आवाज सरकार तक पहुंच गई है।

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संत बोले- किसी को भी नहीं बख्शा जाए
प्रदर्शन के दौरान संतों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि जांच में ट्रस्ट या व्यवस्था से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जांच को किसी भी दबाव से मुक्त रखा जाए और दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाए।

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प्रदर्शन में सांसद पप्पू यादव भी पहुंचे
इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सांसद पप्पू यादव भी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद संतों और अन्य लोगों के बीच राजनीतिक चर्चा भी देखने को मिली।

फिलहाल संतों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा दिया है। उनका कहना है कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। अब संत समाज की नजर इस बात पर है कि कथित चढ़ावा चोरी के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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