
Paris में भारत-फ्रांस आतंकवाद-निरोध संयुक्त कार्य समूह की 17वीं बैठक
India-France Ties: भारत और फ्रांस के बीच आतंकवाद-निरोध पर संयुक्त कार्य समूह (JWГ) की 17वीं बैठक गुरुवार को पेरिस में संपन्न हुई। बैठक में भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आतंकवाद-निरोध) केडी देवल ने किया, जबकि फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राजदूत ओलिवर कैरन ने किया।
बैठक के प्रमुख बिंदु
- पहलगाम हमले की निंदा: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमले की दोनों पक्षों ने कड़ी निंदा की।
- आतंकवादी खतरे और गतिविधियाँ: राज्य प्रायोजित सीमापार आतंकवाद, मध्य-पूर्व में आतंकवादी गतिविधियां और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते खतरे पर चर्चा।
- चरमपंथ और नई तकनीकें: चरमपंथ, कट्टरपंथ और आतंकवादियों द्वारा नई तकनीकों के प्रयोग से उत्पन्न खतरों पर विचार।
- साझा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद निवारण में प्रशिक्षण व अभ्यास के माध्यम से क्षमताओं को विकसित करने पर जोर।
- संगठित अपराध और साइबर खतरों पर सहयोग: ऑनलाइन दुष्प्रचार और साइबर खतरों सहित साझा चिंताओं पर सूचनाओं का आदान-प्रदान और अनुभव साझा करना।
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आगे की योजनाएँ
- भारत में संयुक्त कार्य समूह की 18वीं बैठक आयोजित करने पर सहमति।
- वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय प्रयास जारी रखने का निर्णय।
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शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयास
इससे पहले, 6 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान और पूरे क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचार साझा किया।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक भारत और फ्रांस के आतंकवाद-निरोध सहयोग को और मजबूत करने तथा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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