America में गन हिंसा का कहर… चर्च प्रार्थना सभा में हमला, मासूमों की जान गई

Minneapolis School Shooting: अमेरिका में गन हिंसा की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को मिनियापोलिस शहर के एनाउंसमेंट कैथोलिक स्कूल में आयोजित एक चर्च प्रार्थना सभा के दौरान हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिला दिया। इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गए।

पुलिस ने हमलावर की पहचान 23 वर्षीय रॉबिन वेस्टमैन के रूप में की है, जो खुद को ट्रांसजेंडर महिला मानती थी। अधिकारियों ने बताया कि उसने हमले के दौरान तीन हथियार – एक राइफल, एक शॉटगन और एक पिस्तौल – का इस्तेमाल किया और दर्जनों राउंड फायरिंग की। बाद में वेस्टमैन मृत पाई गई। पुलिस का मानना है कि उसने खुद को गोली मारकर जान दे दी।

हथियारों और वीडियो से नफरती संदेशों का खुलासा
जांच के दौरान मिले हथियारों और मैगजीन पर कई भड़काऊ संदेश लिखे हुए थे। इनमें शामिल थे – “किल डोनाल्ड ट्रंप”, “न्यूक इंडिया”, “इजरायल को गिरना होगा” और “इजरायल को जला दो”।
पुलिस ने यह भी बताया कि हमलावर का एक यूट्यूब चैनल था, जिसे घटना के बाद हटा दिया गया। चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में हथियारों का जखीरा, भरी हुई मैगजीन और परिवार को लिखा गया एक माफीनामा पत्र दिखाई दिया था। वीडियो में वेस्टमैन कहती है – “यह मेरे लिए है, अगर मुझे इसकी ज़रूरत होगी।”

इसके अलावा, उसके पास से दो डायरियां भी बरामद हुईं – एक 150 पन्नों की सिरिलिक लिपि में और दूसरी 60 पन्नों की, जिसकी अंतिम प्रविष्टि 21 अगस्त 2025 को दर्ज थी।

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सरकारी प्रतिक्रिया
अमेरिकी होमलैंड सचिव क्रिस्टी नोएम ने पुष्टि की कि वीडियो और हथियारों पर लिखे संदेश वास्तविक हैं। उन्होंने कहा, “हिंसा का यह स्तर अकल्पनीय है।”
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वेस्टमैन ने सभी हथियार कानूनी रूप से खरीदे थे और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। वह अकेले ही इस हमले के लिए जिम्मेदार थी।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की निंदा करते हुए मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका देने का आदेश दिया।

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गन हिंसा पर फिर सवाल
यह हमला इस साल अमेरिका के स्कूल परिसरों में हुई 146वीं गोलीबारी है। लगातार बढ़ती गन हिंसा ने एक बार फिर हथियार नियंत्रण कानूनों पर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक गन लॉज़ को कड़ा नहीं किया जाता, तब तक इस तरह की घटनाएँ रुकना मुश्किल है।

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