
LDA के पुराने फर्जीवाड़े में बड़ा एक्शन; 7 एलडीए अफसर समेत 27 के खिलाफ FIR
Lucknow News: लखनऊ विकास प्राधिकरण में 2001 में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ था. गोमतीनगर के विपुल खंड, विभव खंड, विनीत खंड, विक्रांत खंड, विकल्प खंड में फर्जीवाड़ा करके प्लॉट बेचे गए थे. अब सरकार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए हंटर चलाया है.
इस मामले अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इसमें 7 LDA के अफसर भी शामिल हैं. इन सभी पर कूटचित दस्तावेज बनाने और जालसाजी करने के आरोप लगे हैं.
वजीरगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामला वर्ष 2001 का है. एलडीए ने गोमती नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध दस्तावेजों के सहारे प्लाटों को बेच दिया गया था, जिसकी शिकायत 2021 में की गई थी. 2024 में इस मामले में सब रजिस्टर्ड (द्वितीय) प्रभाष सिंह ने जांच शुरू की. अब जांच पूरी हो गई है, जिसके बाद एलडीए की ओर से गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है.
इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार जांच में कई ऐसे तथ्य मिले, जिससे यह साबित होता है कि गोमती नगर के विपुल खंड, विभव खंड विनीत खंड, विक्रांत खंड व विकल्प खंड के करीब 2000 वर्ग फीट के 6 प्लॉट फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर बेचे गए. मूल दस्तावेजों से रजिस्ट्री के दस्तावेज मेल नहीं खाते हैं. यहां तक रजिस्टर और रजिस्ट्री में दर्ज नाम अलग-अलग हैं. कागज की क्वालिटी और रजिस्ट्री एक्ट की मोहर भी अलग मिली है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वजीरगंज थाने में दर्ज की गई एफआईआर से ठीक पहले शासन के निर्देश पर एलडीए के 5 पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था. विजिलेंस की जांच में ये सभी आरोपी बनाए गए थे. इंस्पेक्टर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जाँच के आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी.





