
नई डिजाइन के साथ वंदे भारत…अब स्लीपर में अपर बर्थ तक पहुंचना होगा आसान
Vande Bharat Express: नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अपर बर्थ को अब सभी आयु वर्ग के यात्रियों के लिए आरामदायक और आसानी से सुलभ बनाया गया है। यह जानकारी काइनेट में वंदे भारत प्रोजेक्ट के निदेशक निशुंक गर्ग ने बुधवार को दी।
अपर बर्थ तक आसान पहुंच
निशुंक गर्ग ने बताया कि आम यात्रियों में यह धारणा है कि अपर बर्थ तक पहुंचना मुश्किल और असुविधाजनक होता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में अपर बर्थ तक पहुंचने वाली सीढ़ी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सभी उम्र के लोग आसानी से इसका उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि इस फीचर का अनुभव यात्रियों को पहली ही ट्रेन में देखने को मिलेगा, और टीम का लक्ष्य है कि अगले साल पहली ट्रेन डिलीवर की जाए।
डिज़ाइन का उद्देश्य
काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस के चीफ डिजाइनर एवगेनी मास्लोव ने बताया कि उनका डिज़ाइन उद्देश्य है कि यात्रियों को नेक्स्ट लेवल की आरामदायक यात्रा का अनुभव मिले। उन्होंने कहा कि वंदे भारत प्रोजेक्ट भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह भविष्य में आधुनिक और सुरक्षित रेल यात्रा का उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
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ज्वाइंट वेंचर
यह परियोजना काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस, रूस की सीजेएससी ट्रांसमाशहोल्डिंग और भारत की रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के बीच ज्वाइंट वेंचर के तहत संचालित हो रही है। इस साझेदारी में 1,920 स्लीपर कोच (120 ट्रेनसेट) का डिजाइन, निर्माण और 35 वर्षों तक रखरखाव शामिल है।
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यात्रियों के लिए फायदे
- सभी आयु वर्ग के यात्री आराम से अपर बर्थ का उपयोग कर सकेंगे।
- नई डिजाइन और सुविधा के कारण यात्रा सुरक्षित और आरामदायक होगी।
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के आने से भारतीय रेलवे के आधुनिक और सुविधाजनक ट्रेन नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी।
निशुंक गर्ग और टीम का कहना है कि नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन केवल आरामदायक ही नहीं बल्कि यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, डिज़ाइन-केंद्रित और भविष्य की रेल यात्रा का उदाहरण होगी।
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