
प्रदर्शनकारियों पर सख्ती का ‘मास्टर प्लान’! दिल्ली में 24 अतिरिक्त कंपनियां तैनात…
CJP Delhi Protest: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों और हाल के दिनों में हुई हिंसक झड़पों के बाद केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 24 अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली में तैनात किया है। इन बलों को दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राजधानी में कानून-व्यवस्था भंग करने या हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ कई संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जंतर-मंतर से लेकर संसद और पीएम आवास तक बढ़ाई गई सुरक्षा
पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बीते दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। इस दौरान पत्थरबाजी, बैरिकेड तोड़ने और कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
इसी बीच मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के कई सांसद अचानक 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती मानते हुए प्रधानमंत्री आवास और आसपास के पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
16 मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने राजधानी के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है और ट्रेनों को बिना रुके आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
अतिरिक्त बलों की रणनीतिक तैनाती
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, सीआरपीएफ और आरएएफ की अतिरिक्त कंपनियों को उन इलाकों में तैनात किया गया है, जहां विरोध प्रदर्शन या भीड़ जुटने की आशंका अधिक है। संसद मार्ग, इंडिया गेट, जंतर-मंतर, केंद्रीय सचिवालय, पीएम आवास और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
RAF के जवान विशेष रूप से दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन में प्रशिक्षित होते हैं। ऐसे में किसी भी संभावित हिंसक स्थिति से निपटने के लिए उन्हें अग्रिम मोर्चे पर रखा गया है।
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विपक्ष का आंदोलन जारी रखने का ऐलान
दूसरी ओर विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारी संगठनों ने सरकार की सख्ती के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना उनका संवैधानिक अधिकार है और सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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राजधानी में हाई अलर्ट
कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है तथा संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है।
आने वाले दिनों में यदि प्रदर्शन और तेज होते हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता राजधानी में शांति बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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