ईरान में विरोध प्रदर्शन पर अमेरिका की चेतावनी… अराघची का कड़ा पलटवार

Tehran News: ईरान में महंगाई और राष्ट्रीय मुद्रा रियाल की गिरावट के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन झड़पों में अब तक कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की तो अमेरिका सख्त कदम उठाएगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी सेना पूरी तरह जानती है कि अपनी संप्रभुता का उल्लंघन होने पर कहां निशाना साधना है।

अराघची ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, जो आर्थिक और सामाजिक परेशानियों के कारण हो रहे हैं, ईरानियों का कानूनी अधिकार हैं। उन्होंने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को चेतावनी दी कि ईरान अपनी जनता की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगा।

ईरानी मीडिया के अनुसार, गुरुवार को पश्चिमी लोरेस्टान प्रांत और अन्य प्रांतों में हुए झड़पों में कम से कम तीन प्रदर्शनकारी मारे गए और 13 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। लोरेस्टान प्रांत के उप-गवर्नर सईद पौराली ने इन घटनाओं की वजह आर्थिक असंतोष और अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया। उन्होंने कहा कि रियाल की गिरावट और रोज़गार की समस्याओं के कारण जनता में गहरी नाराजगी है।

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव 2015 में हुए न्यूक्लियर समझौते के बाद से जारी है। 2018 में ट्रंप प्रशासन ने समझौते को समाप्त कर दिया और फिर से ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए। इसके परिणामस्वरूप ईरानी रियाल कमजोर हुआ और अमेरिकी डॉलर खुले बाजार में 1,350,000 रियाल से अधिक मूल्य पर व्यापार कर रहा है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विरोध प्रदर्शन लंबी अवधि तक जारी रहे, तो ईरान के आंतरिक राजनीतिक और आर्थिक हालात पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिकी चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय दबाव ने देश के भीतर राजनीतिक तनाव और अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।

ईरानी सरकार ने यह दोहराया कि देश की संप्रभुता पर किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा और सेना हर स्थिति में अपने कर्तव्यों को समझते हुए कार्रवाई करेगी।

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