लखनऊ में गर्मी से पहले एक्शन मोड में बिजली विभाग, कई इलाकों में नए ट्रांसफार्मर…

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में आने वाली गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी गई है। बिजली विभाग की ओर से शहर के कई इलाकों में नए ट्रांसफार्मर लगाने और पुराने सिस्टम को अपग्रेड करने की योजना पर काम चल रहा है।

हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गर्मियों में बिजली सप्लाई बेहतर रखने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाने का काम मार्च तक तेज करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि गर्मी के दौरान बिजली संकट कम किया जा सके।

किन इलाकों में हो रही तैयारी:
बिजली विभाग की योजना के तहत पुराने शहर से लेकर नए विकसित इलाकों तक ट्रांसफार्मर लगाने और क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें चौक, ऐशबाग, ठाकुरगंज, बालागंज, कटरा विजन बेग, गऊघाट, गोमती नगर, चिनहट, दुबग्गा, राजाजीपुरम, पारा, काकोरी, आशियाना, आलमबाग, चारबाग और कानपुर रोड जैसे क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं।

इन तैयारियों का मुख्य लक्ष्य अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच बिजली ट्रिपिंग और ओवरलोड की समस्या को कम करना है।

एबीसी केबल और ओवरलोड सिस्टम बना चुनौती:
शहर में बड़ी संख्या में एरियल बंच केबल (ABC) लगाई जा चुकी हैं, लेकिन कई जगह गर्मी में इनके जलने और फॉल्ट होने की शिकायत सामने आती रही है। पुराने उपकरण और समय पर मेंटेनेंस न होने से भी बिजली ट्रिपिंग की समस्या बढ़ती रही है।

पहले भी रिपोर्ट्स में सामने आया है कि गर्मी के दौरान बिजली की मांग बढ़ने पर मेंटेनेंस और उपकरणों की कमजोरी से पावर कट की समस्या बढ़ जाती है।

कई उपकेंद्र क्षमता से ज्यादा लोड पर:
राजधानी के कई बिजली उपकेंद्र पूरी क्षमता से चल रहे हैं। कुछ उपकेंद्र अभी भी सिंगल सोर्स पर निर्भर हैं, जिससे फॉल्ट होने पर बड़े इलाके की बिजली प्रभावित हो जाती है।
विशेष रूप से सेस क्षेत्र और शहर से जुड़े बाहरी इलाकों में नए उपकेंद्र और क्षमता वृद्धि की जरूरत लंबे समय से बताई जा रही है।

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विकसित कॉलोनियों में ट्रांसफार्मर लगाने पर विवाद
गोमती नगर, इंदिरा नगर, विकास नगर, महानगर जैसी विकसित कॉलोनियों में बिजली की मांग पिछले कुछ साल में 20–30% तक बढ़ चुकी है। ऐसे में विभाग ने नए ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भेजा और कई जगह मंजूरी भी मिल गई।

लेकिन कई स्थानों पर स्थानीय लोग सार्वजनिक स्थानों या पार्क के पास ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं।
लोगों का तर्क है कि:

  • घर के पास ट्रांसफार्मर होने से प्रॉपर्टी की कीमत घट सकती है
  • सुरक्षा और शोर को लेकर चिंता रहती है

जमीन और बजट भी बड़ी समस्या
कई प्रस्ताव जमीन न मिलने या बजट अटकने की वजह से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कुछ जगह बिजली विभाग को जमीन देने से इनकार भी किया गया है, जिससे नई परियोजनाएं रुक रही हैं।

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क्यों जरूरी हैं नए ट्रांसफार्मर:

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • गर्मी में बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है
  • ओवरलोड ट्रांसफार्मर जलने का खतरा रहता है
  • नई कॉलोनियों में बिजली लोड लगातार बढ़ रहा है

बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए राज्य स्तर पर मीटर, नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के बड़े प्लान भी चल रहे हैं।

बिजली विभाग का लक्ष्य राजधानी को “नो ट्रिपिंग जोन” बनाने का है, लेकिन इसके लिए ट्रांसफार्मर, केबल, सबस्टेशन और जमीन जैसे कई मुद्दों का समाधान जरूरी होगा।

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