ईरान का अमेरिका पर पलटवार! जॉर्डन में अमेरिकी फाइटर जेट्स तबाह करने का दावा…

Iran Attacks US Fighter Jets: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब पश्चिम एशिया के दूसरे हिस्सों तक फैलता दिख रहा है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैन्य विमानों और फाइटर जेट्स को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया।

ईरान के मुताबिक, कई अमेरिकी फाइटर जेट और एयर-रिफ्यूलिंग विमान तबाह हुए हैं, जबकि कई अन्य को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान का पलटवार
पिछले कई दिनों से अमेरिका की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इसके जवाब में अब ईरान ने अमेरिका के क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की रणनीति तेज कर दी है।

IRGC के अनुसार, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बनाने वाला हमला बैलिस्टिक मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन के जरिए किया गया। ईरानी सेना का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी टैंकर और फाइटर जेट नष्ट हो गए। कई अन्य विमानों को गंभीर नुकसान पहुंचने की बात भी कही गई है।

जॉर्डन में अमेरिकी विमानों पर हमले का दावा
ईरान के सरकारी मीडिया ने भी जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी फाइटर जेट्स पर हमले की जानकारी दी है। IRGC ने इसे अमेरिका के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा बताया है।

हालांकि, अमेरिका और जॉर्डन की ओर से अब तक अमेरिकी विमानों के तबाह होने की ईरानी दावे की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में सैन्य नुकसान से जुड़े दावों को फिलहाल अपुष्ट माना जा रहा है।

जॉर्डन ने मार गिराईं तीन ईरानी मिसाइलें
ईरान के दावे के कुछ घंटे पहले जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस ने देश के ऊपर से गुजरने वाली तीन ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।

जॉर्डन के मुताबिक, इस कार्रवाई में किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की जानकारी नहीं है। इससे साफ है कि जॉर्डन अब सीधे तौर पर ईरान-अमेरिका संघर्ष की चपेट में आता जा रहा है।

IRGC ने ‘ऑपरेशन नसर-2’ का दिया हवाला
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले को ‘ऑपरेशन नसर-2’ के तहत की जा रही जवाबी कार्रवाई से जोड़ा है। ईरानी पक्ष के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए चलाया जा रहा है।

इससे पहले भी ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य परिसंपत्तियों को निशाना बनाने के दावे किए हैं। कुछ ईरानी बयानों में अमेरिकी विमानों और ड्रोन को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है।

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सीरिया में अमेरिकी कमांड सेंटर को भी निशाना बनाने का दावा
IRGC ने यह भी दावा किया है कि उसने सीरिया के अल-तनफ इलाके में मौजूद एक अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन कमांड सेंटर पर हमला किया। ईरान के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों में मारे गए ईरानी सैनिकों के जवाब में की गई।

हालांकि, इस हमले से हुए नुकसान और अमेरिकी सैन्य हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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क्या अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैलेगी जंग?
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष अब सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रह गया है। जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और दूसरे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी इस टकराव का हिस्सा बनते जा रहे हैं। जानकारों की मानें तो अगर ईरान अमेरिकी ठिकानों पर इसी तरह हमले जारी रखता है और अमेरिका जवाबी कार्रवाई बढ़ाता है, तो पूरा पश्चिम एशिया बड़े क्षेत्रीय युद्ध की चपेट में आ सकता है।

फिलहाल ईरान का अमेरिकी फाइटर जेट्स और रिफ्यूलिंग विमानों को तबाह करने का दावा युद्ध में एक बड़े पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और अमेरिका की आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है।

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