
जिस रेप केस में चला था बुलडोजर उसमें सपा नेता बरी, UP सरकार पर बरसे अखिलेश
UP Politics: अयोध्या के चर्चित भदरसा गैंगरेप मामले में सपा नेता मोईद खान के बाइज्जत बरी होने के बाद यूपी की राजनीति गरमा गई है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार की बुलडोजर कार्रवाई को ‘विनाशकारी सोच’ करार देते हुए तीखा हमला बोला है।
UP Politics: अयोध्या जिले के चर्चित भदरसा गैंगरेप केस में गुरुवार को कोर्ट ने सजा पर फैसला सुनाया. पॉक्सो फर्स्ट कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने दोषी राजू खान को 20 साल जेल की सजा सुनाई और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. एक दिन पहले ही पॉक्सो कोर्ट ने गैंगरेप केस में आरोपी बनाए गए समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया था. DNA टेस्ट में मोईद खान की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, जबकि राजू खान की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। हालांकि मोईद खान के अभी जेल में ही है, क्योंकि उन पर गैंगस्टर एक्ट लगा है। डेढ़ साल पुराने गैंगरेप केस में मोईद खान की बेकरी शॉप और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलाया गया था.
अखिलेश यादव का तीखा वार
मोईद खान के बरी होते ही अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा के पास ऐसा कोई बुलडोजर है जो लोगों के टूटे घर बना सके और उनके मान-सम्मान को वापस लौटा सके
अखिलेश ने कहा कि सत्ताधीश अपने मुकदमे तो हटवा सकते हैं, लेकिन ‘ऊपरवाले की अदालत’ में उनके पापों का हिसाब लिखा जा रहा है. उन्होंने भाजपा की बुलडोजर नीति को विध्वंसकारी और एकतरफा पक्षपातपूर्ण रवैया बताया.
डीएनए रिपोर्ट बनी ढाल
इस सनसनीखेज मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य सबसे निर्णायक साबित हुए. जांच के दौरान कराए गए डीएनए टेस्ट में मोईद खान की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जबकि राजू खान का डीएनए पॉजिटिव पाया गया. इसी आधार पर अदालत ने माना कि मोईद खान पर लगे आरोपसाबित नहीं होते. हालांकि, दोषमुक्त होने के बाद भी मोईद खान अभी जेल में ही रहेंगे क्योंकि उन पर पहले से ही गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला चल रहा है. राजू खान पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
बुलडोजर कार्रवाई पर फिर छिड़ी बहस
घटना के सामने आते ही अयोध्या प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चला दिया था. उस वक्त इस कार्रवाई को ‘त्वरित न्याय’ के रूप में देखा गया था, लेकिन अब अदालत से बरी होने के बाद इस पर सवाल उठ रहे हैं. अखिलेश यादव ने इसे ‘साजिश बनाम सच्चाई’ की लड़ाई बताते हुए कहा कि भाजपा की सियासत नाइंसाफी कर रही है और अब उसकी हार सामने है





