
‘वेस्ट टू वेल्थ’ से बनाया संविधान पार्क… खेल-खेल में बच्चों को सीखने का अनोखा मंच
Samvidhan Park: अब संविधान की जानकारी केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। बागपत के बड़ौत नगर पालिका परिसर में एक अनोखा संविधान पार्क तैयार किया गया है, जहां बच्चे और युवा खेल-खेल में संविधान के मूल्यों को सीखेंगे, नागरिक कर्तव्यों से जुड़ेंगे और आमजन स्वास्थ्य के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा पाएंगे।
कचरे से बनाई गई नवाचारी संरचना
यह पार्क “वेस्ट टू वेल्थ” अवधारणा का जीवंत उदाहरण है। पूरी तरह रिसाइकल्ड मटेरियल से बनाई गई संरचनाएं पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार विकास का संदेश देती हैं।
संविधान पार्क में 600 किग्रा की विराट संविधान किताब की प्रतिकृति स्थापित की गई है। यह प्रतिकृति 11 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी है, और संविधान की मूल प्रस्तावना को दर्शाती है। इसका लोकार्पण राज्य मंत्री केपी मलिक और जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने किया।
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स्वदेशी आंदोलन और स्थानीय संस्कृति की झलक
पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का चरखा स्थापित किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी आंदोलन की भावना को उजागर करता है।
इसके अलावा, बागपत के प्राचीन नाम ‘व्याघप्रस्थ’ की थीम पर वाटर कियोस्क तैयार किया गया है, जो स्थानीय संस्कृति और इतिहास से लोगों को जोड़ता है।
शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास
संविधान पार्क सिर्फ टहलने की जगह नहीं है। इसमें अधिकार और कर्तव्यों से जुड़े बोर्ड, बुक प्वाइंट, लाइब्रेरी और स्वास्थ्य गतिविधियां हैं। इससे न केवल बच्चों और युवाओं का ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से भी सशक्त होंगे।
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देश के लिए प्रेरक मॉडल
जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, यह पार्क नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की समझ देता है और स्वास्थ्य के महत्व को भी बताता है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें विकास, संस्कार, आधुनिकता और संविधान को एक साथ जोड़ा गया है।
संविधान पार्क अब केवल बागपत की पहचान नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है।
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