महोबा में जल जीवन मिशन पर सियासी घमासान… विधायक-मंत्री समर्थकों में टकराव

UP News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में जल जीवन मिशन और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर सियासी और स्थानीय स्तर पर बड़ा विवाद सामने आया है। जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने खुले तौर पर नाराजगी जताई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बन गया।

पानी की समस्या और टूटी सड़कों पर भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, चरखारी क्षेत्र समेत कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। आरोप है कि पाइपलाइन डालने के लिए सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन लंबे समय तक उनकी मरम्मत नहीं की गई। इससे ग्रामीणों, ग्राम प्रधानों और स्थानीय प्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती गई। इसी मुद्दे को लेकर विधायक और उनके समर्थकों ने कार्यक्रम में विरोध दर्ज कराया।

कार्यक्रम के दौरान बढ़ी राजनीतिक तनातनी
बताया जा रहा है कि विधायक लंबे समय से क्षेत्र में पानी की किल्लत और अधूरे विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे। जब मंत्री के कार्यक्रम में यह मुद्दा उठा, तो दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस और गहमागहमी देखने को मिली। हालांकि प्रशासन ने हालात संभाल लिए और कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।

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जनता और स्थानीय निकायों की नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के काम के चलते कई गांवों में सड़कें खराब हो गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई जगह काम अधूरा होने से लोगों को पानी और सड़क दोनों समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रधान भी इस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जल जीवन मिशन का उद्देश्य और जमीनी चुनौतियां
जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक नल से जल पहुंचाना है, लेकिन कई इलाकों में काम की गुणवत्ता, समय पर मरम्मत और समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।

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अब आगे क्या?
अब देखना होगा कि विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है या नहीं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर कर ग्रामीणों को राहत कैसे दी जाती है।

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