
बाराबंकी के बाद अब सोनभद्र में टोलकर्मियों की दबंगई, महिला वकील समेत 3 को पीटा
Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के बाद अब सोनभद्र के लोढ़ी टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है. लाइन में खड़े होने का कारण पूछने पर कर्मियों ने महिला वकील और उनके साथियों के साथ जमकर मारपीट की.
Sonbhadra News: लोढ़ी टोल प्लाजा पर रविवार दोपहर महिला अधिवक्ता और उनके परिजनों से टोल कर्मियों ने जमकर मारपीट की. तीन लोगों को चोटें आई हैं, जबकि एक महिला की हालत गंभीर है. मेडिकल कॉलेज सोनभद्र की इमरजेंसी में महिला को भर्ती किया गया है. महिला वकील आरती पांडे की तहरीर पर राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. घटना के बाद बड़ी संख्या में वकील मेडिकल कॉलेज पहुंचे और टोल प्लाजा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
मारपीट में अधिवक्ता को तो आई चोटें
आरोप है कि बाल पकड़कर घसीटा गया और जमकर मारपीट की गई. अधिवक्ता के मुताबिक, घटनाक्रम के दौरान वो लगातार कहती रहीं कि मैं वकील हूं, लेकिन उनकी बात का टोलकर्मियों पर कोई असर नहीं हुआ. इस मारपीट में अधिवक्ता को तो चोटें आई ही वहीं दूसरी महिला को भी गंभीर चोटें आई जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस मारपीट में एक व्यक्ति का सिर तक फट गया. पीड़ित महिला अधिवक्ता ने कोतवाली राबर्ट्सगंज में आरोपियों के खिलाफ प्रार्थनापत्र देकर एक्शन की मांग की है.
#ViralVideo
यूपी के सोनभद्र में लोढ़ी टोल प्लाजा पर महिला वकील और उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट का मामला गरमाने लगा है. महिला वकील के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा काटा. इस मामले में पुलिस ने दो टोल कर्मियों को गिरफ्तार किया है#Sonbhadra… pic.twitter.com/KcG7ZhOFGc— Live New India (@livenewindia01) February 2, 2026
भारी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंचे
उधर, घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए. अधिवक्ताओं ने कहा कि लोढ़ी टोल प्लाजा को यहां नहीं होना चाहिए. ये वन विभाग की जमीन पर बना हुआ है. उस समय की तत्कालीन सरकार ने इसे बनाने का परमिशन दिया था जो सरासर गलत है. आरोप लगाया कि टोल प्लाजा वाले गुंडों को पाल रहे हैं और इनकी गुंडागर्दी पूरे देश में चल रही है. जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी.
टोल पर हुए विवाद में घायल एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि जैसे ही वह टोल कर्मियों के पास पहुंचा और देरी का कारण पूछा तो उसने कहा कि आप मेरे उच्चाधिकारियों से बात कर लीजिए. बात करने पर अधिकारियों ने कहा कि आप जाइए अपनी गाड़ी में बैठ जाइए. इस पर पीड़ित व्यक्ति ने कहा कि 35 सेकंड से ज्यादा गुजर जाने के बाद टोल फ्री हो जाता है.
इसी बात पर बात आगे बढ़ गई और देखते ही देखते मामला बिगड़ गया. कहासुनी, गाली-गलौज में और मारपीट में बदल गई. पीड़ित ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भी उनके साथ बदसलूकी की और भला- बुरा कहा





