
कानपुर में हाईटेक सेक्स रैकेट; सोशल मीडिया से फंसाते थे ग्राहक, होटल में डील
Kanpur Sex Racket: पुलिस ने बताया कि बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों से लड़कियों को सेक्स रैकेट के लिए कानपुर बुलाया जाता था। इन लड़कियों को बंगाल का दादा नाम का आदमी भेजता था।
Kanpur Sex Racket: कानपुर में देह व्यापार के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां व्हाट्सएप के जरिए “मंथली पैकेज” और “डील” देकर लड़कियों को बुलाया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि शहर के कई होटल इस अवैध धंधे के अड्डे बन चुके थे और करीब 18 होटल इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका में रडार पर आए। युवतियों को पश्चिम बंगाल, झारखंड से एक-एक माह के पैकेज पर बुलाया जाता था। कल्याणपुर के फ्लैट और बर्रा के मकान में रखा जाता था।
व्हाट्सएप पर भेजे जाते थे फोटो
जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहकों को लड़कियों की तस्वीरें भेजी जातीं और उनकी पसंद के अनुसार होटल में बुलाया जाता। कई मामलों में “मंथली पैकेज” जैसी डील भी तय की जाती थी, जिससे नियमित ग्राहकों को तय रकम पर सेवाएं दी जाती थीं। नेटवर्क में ब्रोकर, होटल स्टाफ और सप्लाई करने वाले एजेंट शामिल थे।
ब्लैकमेलिंग की शिकायत पर सेक्स रैकेट का खुलासा
कानपुर में ब्लैकमेलिंग की शिकायत से एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल की एक युवती ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की कि कल्याणपुर निवासी कथित पत्रकार रोहित वर्मा उसे अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रहा है। युवती का आरोप था कि आरोपी ने उसके आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बना लिए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर फिर से अपने रैकेट से जुड़ने का दबाव बना रहा था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एसओजी प्रभारी सुमित रामटेके और शिवा सिंह को सौंपी गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए बर्रा निवासी रोहित वर्मा को कल्याणपुर स्थित फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी युवतियों को इसी फ्लैट और बर्रा स्थित अपने घर में ठहराता था और वहीं से नेटवर्क संचालित करता था।
आरोपी के मोबाइल से कई लड़कियों के फोटो मिले
पुलिस को आरोपी के मोबाइल से कई लड़कियों के फोटो, चैट और शहर के विभिन्न होटलों के नाम मिले हैं। इन चैट में ग्राहकों से बातचीत, पैकेज डील और होटल बुकिंग से जुड़े सबूत भी मिले। इससे स्पष्ट हुआ कि नेटवर्क संगठित तरीके से चलाया जा रहा था और अलग-अलग जगहों पर युवतियों को भेजा जाता था।
होटल बन रहे थे नेटवर्क का केंद्र
सूत्रों के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में कई होटल इस रैकेट के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। यहां कमरे पहले से बुक कर दिए जाते थे और ग्राहकों को सीधे लोकेशन भेजी जाती थी। कुछ मामलों में होटल रजिस्टर में फर्जी एंट्री भी की जाती थी ताकि पुलिस जांच से बचा जा सके।
पुलिस जांच में कई लोग रडार पर
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक यह नेटवर्क सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं था। लड़कियों को मांग के हिसाब से दूसरे शहरों तक भेजा जाता था और संपर्क पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाता था। इस काम के लिए फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट और मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया जाता था।
मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और होटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।





