
‘मेरी इच्छा थी यहीं रहूं, लेकिन…’ लखनऊ हादसे पर भावुक हुए CM योगी, कार्यक्रम बीच में छोड़ा
CM on Lucknow Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई बच्चों की मौत की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री उस समय अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जब उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली।
मंच से संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वर भी भावुक दिखाई दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को हादसे की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा थी कि वे अलीगढ़ में निर्धारित सभी कार्यक्रमों में शामिल रहें, लेकिन लखनऊ से आई दुखद सूचना ने उन्हें तत्काल वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया।
मंच से ही जताया दुख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक अग्निकांड की दुखद घटना हुई है। उसकी चपेट में कुछ बच्चे आए हैं और उनकी दुखद मृत्यु हुई है। इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य के बाद कार्यक्रम स्थल पर भी गंभीर माहौल बन गया। उपस्थित लोगों ने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की।
विकास कार्यक्रम के बीच आई दुखद खबर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान वे सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं पर अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने अपना शेष कार्यक्रम संक्षिप्त करते हुए राजधानी लौटने का निर्णय लिया।
घायलों के इलाज के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे में घायल हुए सभी बच्चों और अन्य लोगों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी घायल के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
राहत एवं बचाव कार्य जारी
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया गया।
घटना के बाद आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया गया है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।
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पूरे प्रदेश में शोक की लहर
हादसे की खबर फैलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
सोशल मीडिया पर भी लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं। कई लोगों ने शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग भी उठाई है।
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मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे समीक्षा
लखनऊ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा करने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही वे राहत कार्यों और जांच प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा भी कर सकते हैं।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि हादसे के कारणों की गहन जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक भवनों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना आवश्यक है। प्रदेश सरकार अब इस त्रासदी के कारणों की जांच के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
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