
नाबालिग के साथ दरिंदगी पर SC सख्त, UP पुलिस और अस्पतालों को लगाई फटकार…
Suprime Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद में चार साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने इसे “असंवेदनशील” बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया बेहद गंभीर और जिम्मेदार होनी चाहिए।
पिता की याचिका पर हुई सुनवाई
पीड़ित बच्ची के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच और शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए। घटना के समय पिता की शिकायत के आधार पर केवल हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिससे जांच के एंगल पर भी सवाल खड़े हुए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले चौंकाने वाले तथ्य
मामले में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई गंभीर पहलुओं को उजागर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के शरीर पर 11 चोटों के निशान पाए गए। इसमें सिर पर तीन वार, गला घोंटने के संकेत, शरीर पर काटने के निशान और जननांगों पर चोटें शामिल थीं। इन तथ्यों ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
यह भी पढ़ें…
मैदान में मोदी सरकार के ‘तीन धुरंधर’… Ceasefire के बाद भारत ने साधा खाड़ी देशों से संपर्क
निजी अस्पतालों की भूमिका पर भी सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निजी अस्पतालों के रवैये पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में अस्पतालों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था, लेकिन यहां लापरवाही और असंवेदनशीलता सामने आई।
पुलिस आयुक्त को किया तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पुलिस आयुक्त को तलब किया है और जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें…
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, घर में मिले थे जले हुए नोट
न्याय और जवाबदेही पर जोर
अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में न केवल दोषियों को सजा दिलाना जरूरी है, बल्कि जांच और उपचार प्रक्रिया में हुई लापरवाही की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
यह मामला एक बार फिर कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों में सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी से साफ है कि अब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थानों से जवाब मांगा जाएगा और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
यह भी पढ़ें…





