
Stock Market Crash: फिर औंधे मुंह गिरा शेयर मार्केट, ये है गिरावट की बड़ी वजह
Stock Market Crash Today: अमेरिका और ईरान के बीच वेस्ट एशिया संकट को लेकर शांति समझौता नहीं हो पाया। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और बाजार में बिकवाली बढ़ गई.
Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में आज (11 मई) सुबह-सुबह गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार खुलने के कुछ देर बाद सेंसेक्स में 1,000 अंकों की गिरावट दर्ज हुई है। सेंसेक्स 1,000 अंक गिरकर 76,364 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 23,896 पर आ गया। कारोबार के दौरान BSE 150 मिडकैप और 250 स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब 1 प्रतिशत तक टूट गए। इससे निवेशकों को लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कौन-कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे?
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सभी इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑटो, निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी केमिकल्स इंडेक्स में करीब 3% तक की गिरावट दर्ज की गई. तेल की कीमतों में तेजी और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर सबसे ज्यादा ऑटो और ऑयल से जुड़े शेयरों पर दिखाई दिया.
इन बड़े शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
निफ्टी के टॉप लूजर्स में टाइटन, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, श्रीराम फाइनेंस, इटरनल, मारुति सुजुकी, बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल, HDFC लाइफ, आयशर मोटर्स और डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज शामिल रहे।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और विदेशी मुद्रा निवेशकों (एफपीआई) की भारी निकासी ने स्थानीय मुद्रा पर और दबाव डाला. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 पर खुला और फिर मामूली बढ़त के साथ 94.90 पर बंद हुआ. यह पिछले बंद भाव से 139 पैसे की भारी गिरावट है.
गत शुक्रवार को रुपये ने अपनी गिरावट को कुछ हद तक कम किया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71 पैसे की मजबूत बढ़त के साथ 93.51 पर बंद हुआ. ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को बताया कि ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से नवीनतम अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया भेजी है और चाहता है कि बातचीत का ध्यान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने पर केंद्रित हो.
ट्रंप ने महीनों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के ईरान के प्रस्ताव को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई विवरण साझा नहीं किया, जबकि एक प्रमुख रिपब्लिकन नेता ने उनसे “सैन्य विकल्प” पर विचार करने का आग्रह किया.
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे.





