UP में बिक रहा दूषित मिनरल वॉटर? जांच में मिले खतरनाक बैक्टीरिया…

UP Bottled Water News: उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में बिक रहे बोतलबंद पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया है। जानिए इसके साइड इफेक्ट्स, किन जिलों में मिला दूषित पानी और कैसे करें बचाव।

UP Bottled Water News: उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में राज्य के 15 से अधिक जिलों में बिक रहे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर के सैंपलों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। इसके बाद संबंधित कंपनियों की बिक्री पर रोक लगाने और बाजार से स्टॉक वापस मंगाने के आदेश जारी किए गए हैं।

किन जिलों में मिला दूषित पानी?

रिपोर्ट के मुताबिक अंबेडकर नगर, गोंडा, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, चित्रकूट, वाराणसी, उन्नाव, रामपुर, मैनपुरी, आजमगढ़, प्रयागराज और चंदौली समेत कई जिलों में पैकेज्ड पानी के नमूनों में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।

क्या होता है कोलीफॉर्म बैक्टीरिया?

कोलीफॉर्म बैक्टीरिया ऐसे सूक्ष्म जीव होते हैं जो आमतौर पर गंदगी, दूषित पानी और मल-मूत्र के संपर्क में पाए जाते हैं। पानी में इनकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कुछ मामलों में इसमें ई-कोलाई (E. coli) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भी शामिल हो सकते हैं, जो गंभीर संक्रमण का कारण बनते हैं।

कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के साइड इफेक्ट्स

दूषित पानी पीने से शरीर पर कई गंभीर असर पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके प्रमुख साइड इफेक्ट्स ये हैं:

1. दस्त और उल्टी

कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पेट और आंतों को प्रभावित करते हैं, जिससे बार-बार दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है।

2. पेट दर्द और क्रैम्प्स

संक्रमण के कारण पेट में मरोड़, गैस और तेज दर्द महसूस हो सकता है।

3. बुखार और कमजोरी

दूषित पानी पीने के बाद शरीर में संक्रमण बढ़ने से बुखार और अत्यधिक कमजोरी महसूस हो सकती है।

4. टाइफाइड और हैजा का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक दूषित पानी का सेवन टाइफाइड, हैजा और पेचिश जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

5. किडनी पर असर

ई-कोलाई के कुछ खतरनाक स्ट्रेन शरीर में गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं, जिससे किडनी डैमेज या किडनी फेलियर तक की स्थिति बन सकती है।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरा

डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग इस संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे लोगों में डिहाइड्रेशन और संक्रमण तेजी से फैलता है।

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कैसे करें बचाव?

  • केवल BIS मार्क वाला पैकेज्ड पानी ही खरीदें
  • बोतल की सील और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
  • खुले में रखी या धूप में गर्म हुई बोतल का पानी न पिएं
  • शक होने पर पानी उबालकर इस्तेमाल करें
  • बच्चों को बाहर का अनब्रांडेड पानी पीने से बचाएं

सरकार ने क्या कार्रवाई की?

फूड सेफ्टी विभाग ने संबंधित वॉटर प्लांट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कई कंपनियों को बाजार से अपना स्टॉक वापस लेने और उत्पादन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी के नए सैंपलों की जांच भी जारी है।

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गर्मी के मौसम में बोतलबंद पानी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है, लेकिन यूपी में सामने आई यह रिपोर्ट लोगों के लिए चेतावनी है। यदि आप भी पैकेज्ड पानी का उपयोग करते हैं तो उसकी गुणवत्ता और ब्रांड की विश्वसनीयता जरूर जांचें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।

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