लखनऊ यूनिवर्सिटी में लागू हुए 5-डे वर्किंग पॉलिसी, इतने बजे तक खुले रहेंगे विभाग

Lucknow University 5 Day Working: लखनऊ विश्वविद्यालय की वर्किंग में बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऊर्जा बचत को ध्यान में रखते हुए अब हफ्ते में 5-दिन वर्किंग के निर्देश दिए गए हैं।

Lucknow University 5 Day Working: लखनऊ विश्वविद्यालय में लागू हुआ 5 दिवसीय कार्य सप्ताह, ऊर्जा बचत के लिए लिया गया बड़ा फैसला लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में अब 5 दिवसीय कार्य सप्ताह (5-day working week) लागू कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत अब विश्वविद्यालय में कक्षाएं केवल सोमवार से शुक्रवार तक ही संचालित की जाएंगी। प्रशासन द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय ऊर्जा बचत के उद्देश्य से लिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश से प्रेरित होकर लिया गया है।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण संबंधी संदेश को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.आदेश में दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 2 बजे तक 30 मिनट का भोजनावकाश भी निर्धारित किया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद इस आदेश को तुरंत लागू कर दिया गया.

परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा आदेश का प्रभाव

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई कार्य व्यवस्था का परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी. यह आदेश कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.

सीएम योगी ने मंत्रियों से की ये अपील

ऊर्जा संरक्षण को लेकर योगी सरकार ने अहम फैसले किए हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील करते हुए शासन में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक आचरण की नई कार्यसंस्कृति विकसित करने का संदेश दिया है.

सीएम योगी ने मंत्रियों से अपनी वाहन फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने की भी अपील की. साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए हैं.

सप्ताह में एक दिन करें सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल

सीएम योगी ने मंत्रियों से सप्ताह के अंदर निर्धारित एक निर्धारित दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा साइकिल जैसी सुविधाओं का उपयोग करने की भी अपील की है. साथ ही उन्होंने शासन एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिया है.

अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विधानसभा एवं विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित करने की सलाह दी है.

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