Petrol-Diesel के विकल्प की अपील पर अखिलेश का तंज- “पहले ही कहा था, साइकिल बेहतर”

Petrol Diesel Crisis: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने के बाद इसका असर अब राजनीति में भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि लागू हो गई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल अब 97.53 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.81 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं राजनीतिक दल और नेता भी इसे लेकर अलग-अलग तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

इसी बीच उत्तर प्रदेश के एक भाजपा विधायक ने बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट के बीच चार ई-रिक्शा खरीदकर नई चर्चा छेड़ दी है। विधायक का कहना है कि भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है और आम लोगों को भी अब पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करनी चाहिए। उनका दावा है कि ई-रिक्शा खरीदने का उद्देश्य सिर्फ निजी उपयोग नहीं बल्कि लोगों को रोजगार और सस्ता परिवहन उपलब्ध कराना भी है।

भाजपा विधायक का संदेश— “ईंधन बचाइए, विकल्प अपनाइए”
रामपुर नगर के बीजेपी विधायक आकाश सक्‍सेना ने एक साथ चार ई रिक्‍शा खरीदी है। भाजपा विधायक के इस कदम को पार्टी की उस अपील से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें नेताओं और जनता से ईंधन बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करने को कहा जा रहा है। हाल ही में पश्चिम एशिया संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद सरकार ने भी लोगों से ईंधन की बचत पर जोर दिया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब महंगाई के मुद्दे पर जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश कर रही है। ई-वाहनों को बढ़ावा देना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

रवि किशन ने अपनाई कार पूलिंग
गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता Ravi Kishan भी इस मुद्दे पर चर्चा में आ गए। रवि किशन ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच कार पूलिंग को बढ़ावा दिया और खुद भी साझा वाहन से यात्रा करते नजर आए।

उन्होंने कहा कि यदि लोग कार पूलिंग अपनाएं तो न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या भी कम होगी। रवि किशन ने लोगों से अपील की कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशहित में ईंधन की खपत कम करना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस समय कठिन अंतरराष्ट्रीय हालात का सामना कर रहा है और ऐसे समय में हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

अखिलेश यादव का तंज— “पहले ही कहा था, साइकिल बेहतर”
वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए तंज कसते हुए कहा कि “हमने पहले ही कहा था कि साइकिल ही सबसे बेहतर साधन है।”

अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है क्योंकि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल है। उन्होंने बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों को आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताते हुए कहा कि महंगाई लगातार लोगों की कमर तोड़ रही है।

सपा प्रमुख ने सरकार से सवाल किया कि आखिर आम आदमी कब तक महंगे पेट्रोल और डीजल का बोझ उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

आम जनता पर बढ़ा बोझ
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो ऑटो, टैक्सी और बस किराए बढ़ाने पड़ सकते हैं। माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।

लखनऊ समेत कई शहरों में लोगों ने पेट्रोल पंपों पर बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी जताई। नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ी महंगाई के बीच ईंधन कीमतों में इजाफा उनकी घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है।

यह भी पढ़ें…

UP कैबिनेट विस्तार के बाद नया समीकरण? BJP की नई टीम पर हाईकमान का फोकस…

पश्चिम एशिया संकट का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण भारत में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं।

केंद्र सरकार लगातार यह कह रही है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में आपूर्ति बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक बोझ उठाया जा रहा है। हालांकि विपक्ष इस तर्क को जनता के लिए पर्याप्त नहीं मान रहा और लगातार सरकार को घेर रहा है।

यह भी पढ़ें…

Maharajganj में सीएम योगी का बड़ा ऐलान, बोले- यूपी अब देश का ग्रोथ इंजन…

ई-वाहनों और वैकल्पिक साधनों पर बढ़ा जोर
बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच अब इलेक्ट्रिक वाहनों, कार पूलिंग और साइकिल जैसे वैकल्पिक साधनों की चर्चा तेज हो गई है। सरकार भी ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

राजनीतिक तौर पर भी यह मुद्दा अब केवल महंगाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे जीवनशैली, पर्यावरण और भविष्य की परिवहन नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़ीं तो यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।

यह भी पढ़ें…

UP News: तरबूज खाने के बाद खाई मैगी, गोरखपुर में एक ही परिवार के 11 लोग बीमार!

Back to top button