
Pati Patni Aur Woh Do Review: कन्फ्यूजन और कॉमेडी का ओवरडोज; आयुष्मान खुराना का जादू?
Pati Patni Aur Woh Do Movie Review: ‘पति पत्नी और वो दो’ का रिव्यू पढ़ें। जानें आयुष्मान खुराना, सारा अली खान और वामिका गब्बी की इस कॉमेडी फिल्म में क्या है खास और कहां रह गई कमी।
Pati Patni Aur Woh Do Movie Review in Hindi: बॉलीवुड के टैलेंटेड अभिनेता आयुष्मान खुराना एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ के साथ हाजिर हैं। निर्देशक मुदस्सर अजीज, जिन्होंने ‘हैप्पी भाग जाएगी’ जैसी फिल्में दी हैं, इस बार शादियों में होने वाली गलतफहमियों और शक के इर्द-गिर्द एक कॉमेडी ड्रामा लेकर आए हैं। क्या यह फिल्म दर्शकों को हंसाने में कामयाब रही या पुरानी घिसी-पिटी कहानी का शिकार हो गई? आइए जानते हैं।
फिल्म की कहानी (Plot Summary)
कहानी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में सेट है। वन विभाग के अधिकारी प्रजापति (आयुष्मान खुराना) अपनी पत्नी अपर्णा (वामिका गब्बी) के साथ एक साधारण जीवन जी रहे हैं। अपर्णा एक न्यूज रिपोर्टर है। प्रजापति की सहकर्मी नीलोफर (रकुल प्रीत सिंह) उन पर नजर रखती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब प्रजापति की पुरानी दोस्त चंचल (सारा अली खान) की एंट्री होती है।
गलतफहमियों का ऐसा सिलसिला शुरू होता है कि अपर्णा को लगता है कि प्रजापति का चक्कर नीलोफर से है, जबकि नीलोफर को कुछ और ही शक होता है। चंचल के साथ प्रजापति की नजदीकियों ने आग में घी डालने का काम किया है। इस ‘गड़बड़झाले’ से प्रजापति खुद को कैसे बाहर निकालते हैं, यही फिल्म का मुख्य आधार है।
परफॉरमेंस: किसने मारी बाजी?
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आयुष्मान खुराना: आयुष्मान ने एक बार फिर अपनी कॉमिक टाइमिंग और सधे हुए अभिनय से फिल्म को संभालने की कोशिश की है। वे एक मध्यमवर्गीय पति के रूप में जमे हैं।
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वामिका गब्बी: एक गुस्सैल और शक करने वाली पत्नी के रूप में वामिका ने प्रभावशाली काम किया है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी है।
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सारा अली खान: सारा की एक्टिंग कुछ जगहों पर थोड़ी ‘ओवर द टॉप’ लगती है, लेकिन उनके किरदार की ऊर्जा फिल्म में रंग भरती है।
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रकुल प्रीत सिंह और विजय राज: रकुल की कॉमिक टाइमिंग अच्छी है, लेकिन दिग्गज अभिनेता विजय राज को फिल्म में उस तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
क्या है फिल्म की खूबियां और कमियां?
प्लस पॉइंट्स (Pros):
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वन-लाइनर्स: फिल्म के संवाद और वन-लाइनर्स बीच-बीच में आपको हंसने पर मजबूर कर देते हैं।
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म्यूजिक का इस्तेमाल: फिल्म में ‘तेरे नाम’ और ‘तेजाब’ जैसी पुरानी फिल्मों के गानों का इस्तेमाल स्थिति के अनुसार काफी मजेदार है।
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हल्का-फुल्का मनोरंजन: अगर आप बिना दिमाग लगाए सिर्फ मनोरंजन के लिए फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह एक बार देखी जा सकती है।
माइनस पॉइंट्स
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घिसी-पिटी कहानी: फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी है, जिसमें ताजगी का अभाव है। 70-80 के दशक की फिल्मों की तरह शक और गलतफहमियों वाले पुराने फार्मूले का इस्तेमाल किया गया है।
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कमजोर पटकथा: पटकथा कई जगहों पर खिंची हुई लगती है। जातिवाद और पुलिस का एंगल कहानी को रोचक बनाने में विफल रहा है।
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लोकेशन का फील: फिल्म प्रयागराज और बनारस की पृष्ठभूमि पर है, लेकिन वहां का असली स्वाद और माहौल पर्दे पर गायब नजर आता है।
पति पत्नी और वो दो’ एक औसत दर्जे की कॉमेडी फिल्म है। यह आपको हंसाती तो है, लेकिन इसमें कुछ भी नयापन नहीं है। आयुष्मान खुराना के फैंस उनके अभिनय के लिए इसे देख सकते हैं, लेकिन अगर आप एक मजबूत स्क्रिप्ट की उम्मीद कर रहे हैं, तो शायद आपको निराशा हो।
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