Varanasi: काशी के नमो घाट पर दिखेगा वायुसेना का पराक्रम, नमो घाट पर होगा भव्य एयर शो

Indian Air Force Air Show in Varanasi: वाराणसी के नमो घाट पर अक्टूबर 2026 में भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो होने जा रहा है। राफेल और सुखोई-30 जैसे 50 से अधिक फाइटर जेट्स गंगा किनारे दिखाएंगे शौर्य।

Varanasi Air Show 2026: धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की वैश्विक नगरी काशी (Varanasi) इस साल अक्टूबर में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व पल की गवाह बनने जा रही है। भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पहली बार वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट (Namo Ghat) पर गंगा किनारे एक भव्य और विशाल एयर शो आयोजित करने की तैयारी कर रही है।

प्रयागराज के ऐतिहासिक शो के बाद उत्तर प्रदेश में यह अपनी तरह का दूसरा सबसे बड़ा हवाई प्रदर्शन होगा, जिसे देखने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई दिग्गजों के आने की संभावना है।

आसमान में गूंजेगी फाइटर जेट्स की गर्जना

इस भव्य एयर शो का मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध एरोबेटिक टीम ‘सूर्य किरण’ (Surya Kiran Aerobatic Team) होगी। सूर्य किरण टीम के 9 हॉक (Hawk) विमान आसमान में तिरंगा बनाने के साथ-साथ अपनी हैरतअंगेज कलाबाजियों से लाखों दर्शकों को रोमांचित करेंगे।

वायुसेना के इस शौर्य प्रदर्शन में सिर्फ सूर्य किरण ही नहीं, बल्कि देश के सबसे आधुनिक और फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स भी अपनी ताकत का लोहा मनवाएंगे। सूत्रों के अनुसार, इस शो में शामिल होने वाले विमानों की सूची इस प्रकार है:

  • लड़ाकू विमान: राफेल (Rafale), सुखोई-30 एमकेआई (Sukhoi-30 MKI), और ट्विन-सीटर तेजस (Tejas)।

  • परिवहन और अन्य विमान: सी-295 (C-295) और विंटेज डकोटा (Dakota) विमान।

  • हेलिकॉप्टर्स: रुद्र (Rudra) और अन्य अटैक हेलिकॉप्टर्स।

वाराणसी का बाबतपुर एयरपोर्ट बनेगा मुख्य बेस

इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (बाबतपुर एयरपोर्ट) को मुख्य ऑपरेशनल बेस बनाया जा रहा है।

सूर्य किरण टीम के सभी 9 विमान 20 अक्टूबर तक वाराणसी एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। मुख्य आयोजन से पहले विमानों का 5 दिनों तक कड़ा अभ्यास और रिहर्सल सत्र (Rehearsal Session) चलेगा। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता के अनुसार, वायुसेना की जरूरतों को देखते हुए विमानों की पार्किंग के लिए एयरपोर्ट पर विशेष हैंगर (Hangar) और रनवे की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।

टाइम मैनेजमेंट रहेगा सबसे खास

नमो घाट पर होने वाले इस एयर शो की अवधि करीब ढाई घंटे की हो सकती है। इस शो की सबसे बड़ी खासियत इसका टाइम मैनेजमेंट (Time Management) होगा। सूर्य किरण के 9 विमान जहां सीधे वाराणसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर घाट के ऊपर पहुंचेंगे, वहीं राफेल, सुखोई और तेजस जैसे भारी फाइटर जेट्स काशी के आसपास के अन्य मिलिट्री एयरबेस से उड़ान भरकर सीधे गंगा नदी के ऊपर निर्धारित सेकंड्स के भीतर अपनी फॉर्मेशन (जैसे त्रिशूल फॉर्मेशन) बनाएंगे।

प्रशासन और वायुसेना ने संभाली कमान

इस ऐतिहासिक एयर शो को देखने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के जुटने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय वायुसेना, जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने नमो घाट से लेकर गंगा पार रेतीले इलाके (धंसा) का स्थलीय और हवाई निरीक्षण किया है।

भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), यातायात व्यवस्था, और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक फुलप्रूफ सुरक्षा खाका तैयार किया जा रहा है ताकि दर्शक बिना किसी परेशानी के वायुसेना के इस अद्भुत शौर्य को देख सकें।

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