‘सच बोलूंगा तो परेशानी में…’, राम मंदिर चढ़ावे में चोरी पर बोले बृजभूषण शरण सिंह

Ram Mandir Chadhava Chori: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोपों पर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। जानें उन्होंने क्या कहा और क्या है पूरा विवाद।

Ram Mandir Chadhava Chori: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के चढ़ावे (दान) में कथित रूप से हो रही करोड़ों रुपये की चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों के तीखे हमलों के बीच अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह का इस पूरे विवाद पर एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। अपने दबंग अंदाज के लिए जाने जाने वाले बृजभूषण ने इस मामले पर सीधे कुछ न कहते हुए भी बहुत कुछ इशारा कर दिया है, जिससे इस विवाद को लेकर संशय और गहरा गया है।

दस दिनों के दिल्ली प्रवास के बाद अपने गृह जिले गोंडा पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर मैं सच बोलूंगा तो बहुत परेशानी में आ जाऊंगा। वह बहुत बड़े लोग हैं। सच बोलने की अभी हमारी हिम्मत नहीं है। समय आने पर सच बोलूंगा।”

रामायण की चौपाई से बयां किया अपना दर्द

कभी किसी से न डरने और हमेशा ‘दबदबा’ कायम रखने की बात करने वाले पूर्व सांसद ने इस दौरान गोस्वामी तुलसीदास की एक प्रसिद्ध चौपाई का जिक्र करते हुए अपनी स्थिति बयां की। उन्होंने विभीषण और हनुमान जी के संवाद का उदाहरण देते हुए कहा:

“जिमि दसनन महुं जीभ बिचारी, सुनहु पवनसुत रहनि हमारी”

बृजभूषण ने समझाया कि विभीषण ने लंका में रहते हुए बजरंगबली से अपनी स्थिति साझा की थी कि वे राक्षसों के बीच वैसे ही रहते हैं जैसे 32 कठोर दांतों के बीच एक कोमल जीभ रहती है। उन्होंने अपनी तुलना भी इसी स्थिति से की। हालांकि, जब मीडिया ने उनसे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि इस विषय पर बोलना उनका काम नहीं है।

क्या है राम मंदिर चढ़ावा चोरी का पूरा विवाद?

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का यह विवाद तब गरमाया जब मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी (लेफ्टिनेंट अकाउंट्स) महिपाल सिंह ने गंभीर दावे किए। महिपाल सिंह के खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह इस मुद्दे को लेकर लगातार केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमलावर हैं।

सियासी पारा हाई, जांच की मांग तेज

इस खुलासे के बाद विपक्ष को सरकार और ट्रस्ट को घेरने का बड़ा मौका मिल गया है। अखिलेश यादव सोशल मीडिया और बयानों के जरिए लगातार पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। वहीं, विवाद बढ़ता देख राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी स्थिति का जायजा लिया है और इस पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की गई है। इसी बीच खुफिया या गोपनीय जांच के दौरान लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बरामद होने की भी खबरें सामने आई हैं, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

अब बृजभूषण शरण सिंह के इस नए बयान ने कि “वह बड़े लोग हैं और सच बोलने पर परेशानी हो जाएगी” यह साफ कर दिया है कि राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।

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