UP News: लखनऊ से लेकर अमेठी तक CBI की रेड, यूपी शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

UP Education Scam: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में हुए 7 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में केंद्रीय CBI ने लखनऊ, अमेठी, अयोध्या समेत कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

UP Education Scam: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े निर्देश के बाद हरकत में आई CBI ने राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।

यह पूरी कार्रवाई अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग (Finance and Accounts Section) में हुए 7 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले से जुड़ी है। मामला सामने आने के बाद से ही विभाग के अधिकारियों और संदिग्धों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच तेज

सूत्रों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की परतें खोलने के लिए सीबीआई की डीआईजी शिवानी तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष रणनीति तैयार की गई। इसके लिए कुल 8 टीमों का गठन किया गया है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई ने बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। एक टीम ने सीधे अमेठी में मोर्चा संभाल रखा है, जहां से इस घोटाले की शुरुआत हुई थी।अन्य टीमों ने लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में संदिग्धों व मामले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर एक साथ दस्तक दी।

चिनहट में कनिष्ठ लिपिक के घर पहुंची टीम

जांच एजेंसी की एक टीम राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में तैनात कनिष्ठ लिपिक (Junior Clerk) मनोज मालवीय के घर पहुंची। सीबीआई यहां मुख्य रूप से बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों, संपत्ति के कागजात और अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए धन के प्रवाह (Money Trail) की गहनता से पड़ताल कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

शुरुआती जांच और विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखा अनुभाग में तैनात कुछ कर्मचारियों ने मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की थी। इन कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर कई शिक्षकों के बैंक खातों में अवैध रूप से करोड़ों रुपये (एरियर और अन्य फंड्स के नाम पर) ट्रांसफर कर दिए थे।

कैसे दर्ज हुआ मामला

इस बड़े फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद, तत्कालीन लेखाधिकारी की तहरीर पर अमेठी की गौरीगंज कोतवाली में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय हाईकोर्ट ने इसकी जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए थे।

फिलहाल सीबीआई की टीमें सभी ठिकानों से मिले डिजिटल साक्ष्यों, बैंक पासबुक और सरकारी दस्तावेजों को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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