‘सपा के कई सांसद BJP में जाएंगे’—राजभर के दावे से यूपी की राजनीति में हलचल

UP Politics: प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर दलबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा पार्टी में एक बड़ी टूट का सनसनीखेज दावा किया है. उन्होंने कहा है कि सपा के कई सांसद भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं.

दरअसल, ओमप्रकाश राजभर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है. उन्होंने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है. साथ ही उन्होंने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों का मास्टरमाइंड कौन है. यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है. राजभर ने कहा कि जैसे-जैसे जांच का शिकंजा कस रहा है, सपा परेशान नजर आ रही है.

हालांकि, इन दावों को समाजवादी पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो डर जाएगा, वह अपना दल छोड़कर चला जाएगा. अगर भाजपा से मुकाबला करना है तो बहादुर लोगों की टीम होनी चाहिए. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के ही कई विधायक पाला बदलने के लिए तैयार बैठे हैं.

इसके अलावा अखिलेश यादव ने ओमप्रकाश राजभर के बयान पर पलटवार करते हुए अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा है कि “भविष्यवाणी करने वाले अपनी पार्टी की भविष्यवाणी करें कि उन्हें भाजपा 75 सीट दे रही है 50 या फिर सिर्फ़ आश्वासन. इन्होंने भाजपा के गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर जो पैसा एडवांस लिया है, वो लोग इन्हें ढूंढ रहे हैं”

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी समाजवादी पार्टी को भीतरघात का सामना करना पड़ा था. उस समय सपा के पांच विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था, जबकि दो विधायक मतदान के लिए पहुंचे ही नहीं थे. इस घटनाक्रम के बाद भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित हुई थी. सपा नेतृत्व ने संबंधित विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

इन विधायकों में सबसे चर्चित नाम मनोज पांडे का था. बाद में उन्हें भाजपा सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी मिली. हालांकि, अन्य बागी विधायकों को अब तक कोई बड़ा राजनीतिक पद नहीं मिला है. महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों के पाला बदलने के बीच अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इसी तरह के दावे सामने आ रहे हैं.

 

 

Back to top button