NEET से पहले फर्जी पेपर लीक गैंग का भंडाफोड़, Telegram पर बिक रहा ‘डमी पेपर’

RE-NEET UG 2026 परीक्षा से पहले पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। आरोपी आकाश चौधरी ने अपनी ही किताब को स्कैन कर और अमेरिकी प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर टेलीग्राम पर नकली पेपर बेचा।

RE-NEET UG 2026: परीक्षा से ठीक पहले पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को दबोचा है जो देश में लगे प्रतिबंधों को ताक पर रखकर छात्रों को ठग रहा था। भारत में टेलीग्राम (Telegram) पर पूरी तरह से बैन होने के बावजूद, आरोपी डार्क वेब और प्रॉक्सी टूल्स के जरिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर ‘फर्जी पेपर लीक’ का धंधा चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में आकाश चौधरी नाम के युवक को गिरफ्तार किया है।

अमेरिकी प्रॉक्सी सर्वर और एडिटिंग टूल का खेल

पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह बेहद हैरान करने वाला है। आरोपी आकाश चौधरी ने किसी असली पेपर को लीक नहीं किया था, बल्कि उसने छात्रों को ठगने के लिए एक डिजिटल जाल बुना था।

आकाश ने अपनी ही एक किताब से नीट परीक्षा से जुड़े सवालों को स्कैन किया। स्कैन किए गए सवालों को उसने अत्याधुनिक एडिटिंग टूल्स की मदद से इस तरह फॉर्मेट किया कि वह दिखने में हूबहू नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ओरिजिनल क्वेश्चन पेपर जैसा लगे।

पुलिस और साइबर सेल की नजरों से बचने के लिए आरोपी अमेरिका (USA) के प्रॉक्सी सर्वर और वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल कर रहा था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।

टेलीग्राम पर सौदा

इस डमी पेपर को असली ‘लीक पेपर’ बताकर आकाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर कई ग्रुप्स बनाए थे। वह परीक्षा के दबाव में जी रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को झांसे में ले रहा था। प्रत्येक छात्र से इस फर्जी लीक पेपर के बदले ₹4,000 वसूले जा रहे थे।

छात्र और अभिभावक सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे किसी भी पेपर लीक के दावों या ग्रुप्स के बहकावे में न आएं। यह पूरी तरह से धोखाधड़ी और ठगी का प्रयास है। परीक्षा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें।

साइबर सेल की मुस्तैदी से चढ़ा हत्थे

री-नीट (RE-NEET UG) परीक्षा को लेकर पुलिस और साइबर सेल की टीमें सोशल मीडिया पर लगातार पैनी नजर रखे हुए थीं। टेलीग्राम पर संदिग्ध गतिविधि दिखने के बाद जब तकनीकी जांच शुरू हुई, तो अमेरिकी सर्वर के पीछे छिपा आकाश चौधरी पुलिस के रडार पर आ गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा और उसके पास से इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण भी जब्त कर लिए हैं।

गौरतलब है कि सुरक्षा और डेटा लीक चिंताओं के कारण भारत सरकार ने टेलीग्राम को देश में प्रतिबंधित (Ban) कर दिया है। इसके बावजूद आरोपी आकाश चौधरी ने कानून को चुनौती देते हुए छात्रों को ठगने के लिए इसी प्लेटफॉर्म को चुना।

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