
BAT-BMS App से सड़क पर लॉक हो रहे E-Rickshaw! यूपी से दिल्ली तक मचा हड़कंप
BAT-BMS App: सोशल मीडिया पर वायरल BAT-BMS ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी को ब्लूटूथ से लॉक करने का दावा किया जा रहा है। यूपी के बिजनौर में 80 से ज्यादा चालकों ने शिकायत दर्ज कराई है।
BAT-BMS App: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक इन दिनों एक मोबाइल ऐप को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि BAT-BMS नाम के एक चीनी ऐप के जरिए सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा (E-rickshaw) की बैटरी को ब्लूटूथ के जरिए दूर बैठे ही लॉक या डिसेबल (बंद) किया जा सकता है। इस ऐप के सामने आने के बाद ई-रिक्शा चालकों, बैटरी निर्माता कंपनियों और पूरे बाजार में चिंता का माहौल है।
बिजनौर में 80 से ज्यादा ई-रिक्शा हुए लॉक
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना नगर में पिछले दो दिनों के भीतर करीब 80 ई-रिक्शा चालकों ने उनके वाहन अचानक चलते-चलते बंद होने की शिकायत की। ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि उनके वाहनों पर कोई “साइबर अटैक” हुआ है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
परेशान होकर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक नगीना नगर की चित्तौड़गढ़ पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। चालकों का कहना है कि बीच सड़क पर अचानक गाड़ी रुक जाने से न केवल उनकी कमाई प्रभावित हो रही है, बल्कि पीछे से आने वाले वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से इस ‘BAT-BMS’ ऐप पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियों की सुरक्षा और परफॉर्मेंस की निगरानी के लिए BMS (Battery Management System) लगा होता है। कई चीनी बैटरियां ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ आती हैं, जिन्हें विशेष ऐप्स से मैनेज किया जाता है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इसी सुरक्षा लूपहोल का फायदा उठाकर ‘BAT-BMS’ ऐप के जरिए आस-पास के ई-रिक्शा की बैटरी को बिना ड्राइवर की अनुमति के लॉक किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और तकनीकी टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह वाकई कोई ऐप आधारित हैकिंग है या फिर बैटरियों में आया कोई सामूहिक तकनीकी फॉल्ट (Technical Fault)।





