बारुईपुर कांड पर सियासत तेज, TMC का केंद्र पर हमला; कांग्रेस ने भी उठाए सवाल…

West Bengal News:  पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना को लेकर राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को कठघरे में खड़ा किया, जबकि टीएमसी ने पलटवार करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया। इस बीच कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी राज्य में दुष्कर्म की घटना को समान गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

भाजपा का ममता सरकार पर हमला
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और राज्य सरकार ऐसे मामलों को रोकने में विफल रही है। पार्टी ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की अनेक घटनाएं सामने आई हैं और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असफल रही है।

भाजपा ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ममता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने पर TMC का विरोध
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोका गया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।

टीएमसी ने कहा कि यह केवल “आपातकाल” जैसी स्थिति नहीं, बल्कि “अति आपातकाल” का समय है, जहां एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को पीड़ित परिवार से मिलने तक की अनुमति नहीं दी जा रही। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

कांग्रेस ने की समान दृष्टिकोण अपनाने की अपील
कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाओं को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि चाहे घटना किसी भी राज्य में हो और वहां किसी भी दल की सरकार हो, हर पीड़िता को समान न्याय और संवेदनशीलता मिलनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसी भी महिला या बच्ची के साथ होने वाले अपराध पर राजनीति करने के बजाय दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

घटना से इलाके में आक्रोश
बारुईपुर की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किए। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

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कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विपक्ष राज्य सरकार को घेर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल विपक्ष पर घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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जांच जारी, न्याय की मांग तेज
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है। राज्य के साथ-साथ पूरे देश की नजर अब इस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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