Instagram पर आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ Meta का एक्शन, लाखों अकाउंट हटाए

India Govt Notice to Meta: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) के प्रसार को लेकर बढ़ती चिंताओं और केंद्र सरकार की सख्ती के बाद Meta ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि उसने 1.6 लाख से अधिक इंस्टाग्राम अकाउंट बंद किए हैं और अब बच्चों से जुड़े संदिग्ध एवं आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार ने जारी किया था नोटिस
इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material-CSAM) से जुड़े कंटेंट सामने आने के बाद केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को नोटिस जारी किया था। मंत्रालय ने कंपनी से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा था और निर्देश दिया था कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापनों, पोस्ट और नेटवर्क को तत्काल हटाया जाए, जो बच्चों के यौन शोषण से संबंधित हों या उन्हें बढ़ावा देते हों।

अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को किया तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Meta के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए थे। सरकार ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।

Meta ने जताया खेद, की बड़ी कार्रवाई
सरकारी कार्रवाई के बाद Meta ने बयान जारी कर इस पूरे मामले पर खेद व्यक्त किया। कंपनी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार के बाल यौन शोषण संबंधी कंटेंट के लिए उसके प्लेटफॉर्म पर कोई स्थान नहीं है। इसी क्रम में Meta ने 1.6 लाख से अधिक संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करने की जानकारी दी।

AI करेगा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान
Meta के अनुसार, अब इंस्टाग्राम पर AI आधारित तकनीक का उपयोग और अधिक व्यापक स्तर पर किया जाएगा। यह तकनीक संदिग्ध कंटेंट, फर्जी नेटवर्क, आपत्तिजनक संदेशों और बच्चों को निशाना बनाने वाली गतिविधियों की पहचान कर उन्हें स्वतः समीक्षा के लिए चिन्हित करेगी। इसके अलावा ऐसे अकाउंट और पोस्ट पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोका जा सके।

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बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में AI आधारित निगरानी प्रणाली, सख्त कंटेंट मॉडरेशन और सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बच्चों को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है और अभिभावकों की जागरूकता तथा डिजिटल शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।

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सख्त निगरानी जारी रहेगी
केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में निगरानी लगातार जारी रहेगी। यदि किसी भी सोशल मीडिया कंपनी द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है।

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