
Ayodhya News: राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ा बवाल, SIT जांच के बीच 23 कर्मचारियों का इस्तीफा
Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच के बीच दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। जानें क्या है पूरा विवाद।
Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान (चढ़ावे) की चोरी का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। विशेष जांच दल (SIT) की जारी जांच के बीच, अब मंदिर में दानपात्र के पैसों की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।
कर्मचारियों के इस औचक फैसले के बाद मंदिर प्रशासन और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। इस्तीफे के कारण गुरुवार को चढ़ावे की गिनती के लिए केवल 13 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे, जिससे गणना का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
क्यों दिया कर्मचारियों ने इस्तीफा?
इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि दान चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा और व्यवस्था में कई बदलाव किए गए थे, जिससे उनके काम करने की परिस्थितियां कठिन हो गईं। कर्मचारियों के अनुसार:
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वर्किंग आवर्स में बढ़ोतरी: पहले दान की गिनती का काम दो अलग-अलग शिफ्टों (करीब 6 घंटे) में होता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे एक ही शिफ्ट में तब्दील कर 9 घंटे (सुबह 9 से शाम 6 बजे) कर दिया गया था।
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सैलरी में कटौती: पहले सभी कर्मचारियों को ₹14,755 मासिक मानदेय मिलता था, जिसे घटाकर अलग-अलग (8 हजार से 11 हजार रुपये) कर दिया गया।
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छुट्टियों में कमी: कर्मचारियों की वीकली ऑफ और छुट्टियों को भी कम कर दिया गया था।
इन बदलावों के विरोध में बुधवार शाम सभी कर्मचारियों ने एसबीआई तुलसी उद्यान शाखा के अधिकारियों और सैनिक सिक्योरिटी के सुपरवाइजर के सामने अपनी मांगें रखी थीं। जब उनकी मांगों को खारिज कर दिया गया, तो 23 कर्मचारियों ने एकजुट होकर इस्तीफा दे दिया।
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ट्रस्ट की बैठक और SIT की सख्ती
गौरतलब है कि राम मंदिर में करीब 2 से 3 करोड़ रुपये की दान चोरी का बड़ा खुलासा हुआ था, जिसमें पुलिस कई आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर ले चुकी है। इस मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट में वित्तीय प्रबंधन की गंभीर खामियां सामने आई थीं, जिसके बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
फिलहाल एसआईटी इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है, वहीं कर्मचारियों के इस सामूहिक इस्तीफे ने मंदिर प्रबंधन के सामने एक नया संकट खड़ा कर दिया है।
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