UP News: दूसरी शादी के बाद पहले पति से गुजारा भत्ता…, HC ने फैमिली कोर्ट से मांगा जवाब

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी फैमिली कोर्ट से जवाब मांगा है कि महिला के दूसरी शादी करने के बाद भी पहले पति से गुजारा भत्ता देने का आदेश क्यों दिया गया।

Allahabad High Court ने एक अहम मामले की सुनवाई करते हुए झांसी की फैमिली कोर्ट (अतिरिक्त प्रधान जज) से स्पष्टीकरण मांगा है। हाईकोर्ट ने यह बताने को कहा है कि जब अदालत के रिकॉर्ड में यह साफ था कि महिला ने तलाक के बाद दूसरी शादी कर ली है, तो उसके बावजूद पहले पति को हर महीने 10 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश किस आधार पर जारी किया गया।

महिला ने कर ली है दूसरी शादी

जस्टिस प्रवीण कुमार गिरी की एकल पीठ ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आपत्ति-पत्र और महिला के खुद के शपथपत्र में जब दूसरे विवाह की बात स्पष्ट रूप से दर्ज थी, तो इस तथ्य को नजरअंदाज क्यों किया गया।

मामले के अनुसार, झांसी की फैमिली कोर्ट ने 30 जुलाई 2025 को दोनों के बीच तलाक की डिक्री मंजूर की थी, जिसके खिलाफ पति ने अपील दायर की। इसी बीच तलाक के करीब एक महीने बाद महिला ने दूसरी शादी कर ली, जिसकी जानकारी खुद उसने हलफनामे में दी थी।

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कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी

अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को तय की गई है। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एडवोकेट वेलफेयर स्कीम के तहत एक दिवंगत वकील की विधवा को मुआवजा मिलने में हो रही देरी पर भी कड़ी नाराजगी जताई है।

जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने इसे जबरन थोपा गया मुकदमा बताते हुए यूपी अधिवक्ता कल्याण कोष ट्रस्टी सोसाइटी के सदस्य सचिव से जवाब तलब किया है और चेतावनी दी है कि यदि 27 जुलाई की अगली सुनवाई तक सही हलफनामा नहीं दिया गया, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना होगा।

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